📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / World Economic Forum from Cologny, Switzerland
राजनीति
सचिन पायलट की पंजाब में पहली परीक्षा, चन्नी‑वॉरिंग ने एएपी को मात देने के लिए मतभेद भुलाए
✍️ The Indian Express
🗓 16 सित. 2026, 11:32 AM
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कांग्रेस के सचिन पायलट ने पंजाब में अपनी पहली राजनीतिक कोशिश की, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी और वरिष्ठ नेता वारिंग ने एएपी के खिलाफ एकजुट होने के लिए अस्थायी समझौता किया।
सीनियर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पंजाब में अपनी पहली राजनीतिक कोशिश की, जिससे राज्य में पार्टी की पकड़ बढ़ाने की इच्छा स्पष्ट हुई।
इसी समय, पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री चारंजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह वारिंग ने अपने पुराने मतभेदों को भुलाने का सार्वजनिक समझौता किया। यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों में एएपी के खिलाफ एकजुट वोट बैंक बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
दोनों नेताओं ने कहा कि यह अस्थायी समझौता एएपी सरकार के विकल्प के रूप में एक सुसंगत विकल्प पेश करने के लिए है। अभी यह गठबंधन शुरुआती चरण में है, लेकिन यह कांग्रेस की क्षेत्रीय नेताओं को एक सामान्य अभियान कथा के तहत जोड़ने की व्यापक कोशिश को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि पायलट की पंजाब में प्रवेश और चन्नी‑वारिंग का मिलन चुनावी समीकरण को बदल सकता है, हालांकि इस समझौते की स्थिरता अभी अनिश्चित है।
इसी समय, पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री चारंजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह वारिंग ने अपने पुराने मतभेदों को भुलाने का सार्वजनिक समझौता किया। यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों में एएपी के खिलाफ एकजुट वोट बैंक बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
दोनों नेताओं ने कहा कि यह अस्थायी समझौता एएपी सरकार के विकल्प के रूप में एक सुसंगत विकल्प पेश करने के लिए है। अभी यह गठबंधन शुरुआती चरण में है, लेकिन यह कांग्रेस की क्षेत्रीय नेताओं को एक सामान्य अभियान कथा के तहत जोड़ने की व्यापक कोशिश को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि पायलट की पंजाब में प्रवेश और चन्नी‑वारिंग का मिलन चुनावी समीकरण को बदल सकता है, हालांकि इस समझौते की स्थिरता अभी अनिश्चित है।