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राजनीति
इंदौर में आरएसएस ने कहा: मुद्दे उठाना अधिकार है, देशद्रोह नहीं
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 04 नव. 2026, 05:45 PM
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इंदौर में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बताया कि युवा, सोशल मीडिया दुरुपयोग, आरक्षण और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर बात करना लोकतांत्रिक अधिकार है, देशद्रोह नहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने इंदौर में एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें बदलते सामाजिक‑राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की गई। वरिष्ठ कार्यकारियों ने कहा कि समकालीन मुद्दों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे देशद्रोह नहीं कहा जाना चाहिए।
बैठक में युवा वर्ग की राजनीति में भूमिका, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, आरक्षण नीति पर चल रही बहस और मध्य भारत में नक्सलवाद की चुनौती जैसे कई संवेदनशील विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। आरएसएस ने रचनात्मक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया, न कि असहमति को दबाने की।
संघ ने अपने सदस्यों और जनता को जिम्मेदारी से भाग लेने की अपील की, यह स्पष्ट करते हुए कि शासन में सुधार के लिए की गई आलोचना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। कोई नई नीति घोषणा नहीं की गई, पर यह बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आरएसएस के रुख को दर्शाते हैं।
बैठक का समापन नागरिकों को एकजुट होकर इन मुद्दों को वैध और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाने की पुकार के साथ हुआ, जिससे राष्ट्र निर्माण में आरएसएस की दीर्घकालिक भूमिका उजागर हुई।
बैठक में युवा वर्ग की राजनीति में भूमिका, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, आरक्षण नीति पर चल रही बहस और मध्य भारत में नक्सलवाद की चुनौती जैसे कई संवेदनशील विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। आरएसएस ने रचनात्मक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया, न कि असहमति को दबाने की।
संघ ने अपने सदस्यों और जनता को जिम्मेदारी से भाग लेने की अपील की, यह स्पष्ट करते हुए कि शासन में सुधार के लिए की गई आलोचना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। कोई नई नीति घोषणा नहीं की गई, पर यह बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आरएसएस के रुख को दर्शाते हैं।
बैठक का समापन नागरिकों को एकजुट होकर इन मुद्दों को वैध और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाने की पुकार के साथ हुआ, जिससे राष्ट्र निर्माण में आरएसएस की दीर्घकालिक भूमिका उजागर हुई।