📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
राजनीति
मणिपुर में विकास के लिए आरएसएस का पंच परिवर्तन पहल
✍️ India Today NE
🗓 06 सित. 2026, 05:34 PM
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राष्ट्रवादी स्वयंसेव संघ (RSS) ने मणिपुर में पंच परिवर्तन कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय शासन की समस्याओं को सुलझाना और सामाजिक‑आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देना है।
नई दिल्ली – राष्ट्रवादी स्वयंसेव संघ (RSS) ने मणिपुर में अपना पंच परिवर्तन (पाँच बिंदु परिवर्तन) कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य राज्य की प्रशासनिक क्षमता और सामुदायिक विकास को सुदृढ़ करना है। भारत टुडे उत्तर‑पूर्व के एक संपादकीय में इस योजना के पाँच प्रमुख क्षेत्रों – शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा, आजीविका और शासन – के लिए सुधार प्रस्तावित किए गए हैं।
RSS के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल में जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों को स्थानीय निकायों के साथ मिलकर समस्याओं की पहचान करने और व्यावहारिक समाधान लागू करने को कहा गया है। स्कूल सुविधाओं में सुधार, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल का विस्तार, ग्रामीण सड़कों का अद्यतन और युवाओं के लिए कौशल‑आधारित रोजगार को बढ़ावा देना प्रमुख बिंदु हैं।
राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और कहा है कि नागरिक‑समाज समूहों के साथ सहयोग से चल रहे विकास कार्य तेज़ हो सकते हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि पंच परिवर्तन की सफलता निरंतर निधि और RSS, मणिपुर सरकार तथा मौजूदा NGOs के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी।
RSS ने प्रगति की निगरानी के लिए समय‑समय पर समीक्षाएँ और समुदाय‑आधारित प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे यह मॉडल अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी लागू किया जा सके।
RSS के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल में जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों को स्थानीय निकायों के साथ मिलकर समस्याओं की पहचान करने और व्यावहारिक समाधान लागू करने को कहा गया है। स्कूल सुविधाओं में सुधार, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल का विस्तार, ग्रामीण सड़कों का अद्यतन और युवाओं के लिए कौशल‑आधारित रोजगार को बढ़ावा देना प्रमुख बिंदु हैं।
राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और कहा है कि नागरिक‑समाज समूहों के साथ सहयोग से चल रहे विकास कार्य तेज़ हो सकते हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि पंच परिवर्तन की सफलता निरंतर निधि और RSS, मणिपुर सरकार तथा मौजूदा NGOs के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी।
RSS ने प्रगति की निगरानी के लिए समय‑समय पर समीक्षाएँ और समुदाय‑आधारित प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे यह मॉडल अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी लागू किया जा सके।