📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
राजनीति
इंदौर में बैठक में आरएसएस ने कहा‑उठाए मुद्दे लोकतांत्रिक अधिकार, देशविरोधी नहीं
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 नव. 2026, 03:31 PM
👁 21
इंदौर में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि युवा, सोशल मीडिया, आरक्षण और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, देशविरोधी नहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बैठक आयोजित की, जिसमें बदलते सामाजिक‑राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा हुई। वरिष्ठ कार्यकारियों ने कहा कि युवा, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, आरक्षण और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर सवाल उठाना संवैधानिक अधिकार है और इसे देशविरोधी नहीं माना जाना चाहिए।
भाषण में यह चेतावनी दी गई कि विरोधी आवाज़ों को "देशविरोधी" कहकर लेबल करना लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करता है। उन्होंने युवाओं से तथ्यात्मक तर्कों के साथ रचनात्मक संवाद करने और ऑनलाइन ट्रोलिंग या गलत जानकारी से बचने का आग्रह किया।
आरएसएस ने यह भी दोहराया कि आरक्षण नीति का समय‑समय पर पुनरावलोकन होना चाहिए ताकि न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित हो, और नक्सल प्रभाव को कम करने के लिए संतुलित रणनीति अपनाते हुए प्रभावित समुदायों को अलग न किया जाए।
मुद्दे उठाने को नागरिक कर्तव्य के रूप में प्रस्तुत करके, संगठन अपने सदस्यों को उग्र विचारधाराओं से दूर रखकर भारत के लोकतांत्रिक संवाद में जिम्मेदार भागीदारी की ओर ले जाना चाहता है।
भाषण में यह चेतावनी दी गई कि विरोधी आवाज़ों को "देशविरोधी" कहकर लेबल करना लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करता है। उन्होंने युवाओं से तथ्यात्मक तर्कों के साथ रचनात्मक संवाद करने और ऑनलाइन ट्रोलिंग या गलत जानकारी से बचने का आग्रह किया।
आरएसएस ने यह भी दोहराया कि आरक्षण नीति का समय‑समय पर पुनरावलोकन होना चाहिए ताकि न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित हो, और नक्सल प्रभाव को कम करने के लिए संतुलित रणनीति अपनाते हुए प्रभावित समुदायों को अलग न किया जाए।
मुद्दे उठाने को नागरिक कर्तव्य के रूप में प्रस्तुत करके, संगठन अपने सदस्यों को उग्र विचारधाराओं से दूर रखकर भारत के लोकतांत्रिक संवाद में जिम्मेदार भागीदारी की ओर ले जाना चाहता है।