🔥 TRENDING Mirzapur: The Movie launches lyrical v... FTPCCI and EAGLE Announce Drug-Free In... Hindustan Coca‑Cola Beverages to inves... Andhra Pradesh Announces New Land Refo... Karnataka Rejects Kasturirangan Report... Applied Materials to invest Rs 3,600 c...
16 Sep 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
₹6 हजार का Nikon कैमरा या ठगी का जाल? ‘आर्मी जवान’ बनकर फेसबुक पर फर्जीवाड़े का आरोप

₹6 हजार का Nikon कैमरा या ठगी का जाल? ‘आर्मी जवान’ बनकर फेसबुक पर फर्जीवाड़े का आरोप

✍️ Reporter: Rajeev Kumar Sharma 🗓 07 Sep 2026, 11:47 PM 👁 274
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

⚠️ फेसबुक पर ‘आर्मी जवान’ बनकर कैमरा बेचने का फर्जीवाड़ा! ₹350 एडवांस लेकर फ़ोन बंद

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर सस्ते कैमरे की बिक्री का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी का एक मामला सामने आया है। फेसबुक पर Nikon DSLR D5600 कैमरा और उसके साथ दो लेंस समेत पूरा किट महज ₹6,000 में बेचने का दावा किया गया। पोस्ट में खुद को ‘भवानी सिंह चौधरी, आर्मी सोल्जर’ बताकर भरोसा कायम करने की कोशिश की गई। साथ ही यह शख्स अपनी वॉइस रिकॉर्डिंग भी भेजता हैं और उसमें अपना नाम राजकुमार बताता हैं और अपनेआप कों इंडियन आर्मी का सोल्जर बताता हैं, और कहता हैं कि में धौला कुआँ केंट गेट नंबर पाँच से बात कर रहा हूँ मेरा ट्रांसफर बॉर्डर पर जम्मू कश्मीर में हो गया हैं वहाँ DSLR कि अनुमति नहीं हैं इसलिए बेच रहा हूँ |

विज्ञापन में कैमरे के साथ 18-55mm और 70-300mm के दो लेंस, दो बैटरी, दो मेमोरी कार्ड, चार्जर, ट्राइपॉड और कैरी बैग देने की बात कही गई। खरीदार से ₹350 ऑनलाइन एडवांस और बाकी ₹5,650 कैश ऑन डिलीवरी मांगी गई। साथ ही ‘ओपन बॉक्स डिलीवरी’ और 2-3 दिन में घर तक सामान पहुंचाने का दावा किया गया। जबकि Nikon के इस कैमरे की असली कीमत लगभग 50,000/- रूपये हैं.

आरोप है कि कुछ लोगों से ₹350 एडवांस लेने के बाद विक्रेता ने फोन उठाना बंद कर दिया। विज्ञापन में ‘इंडियन आर्मी कार्गो ट्रांसपोर्ट’ से पार्सल भेजने और सेना से जुड़े दस्तावेज/कैंटीन स्मार्ट कार्ड दिखाकर विश्वास जीतने की कोशिश किए जाने की भी बात सामने आई है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में भारतीय सेना का जवान है या नहीं। ऐसे में सोशल मीडिया पर सेना के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लेने के आरोपों की जांच जरूरी है।

सावधान रहें: केवल फेसबुक विज्ञापन, सेना की वर्दी, कथित कैंटीन कार्ड या पहचान-पत्र देखकर भुगतान न करें। बेहद कम कीमत और एडवांस भुगतान की मांग को रेड फ्लैग मानें। किसी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तुरंत अपने बैंक/भुगतान सेवा प्रदाता और साइबर अपराध अधिकारियों से संपर्क करें।
इन ठगों के तीन चार मोबाइल नंबर भी साँझा कर रहा हूँ इनसे बचे. 9887699080,9509591951,7852009024,8955170068
📲Get App