📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KALI PRASAD PANDEY
राजनीति
राजद ने बिहार एमएलसी चुनाव में भाजपा से दो सीटें छीन लीं, शक्ति संतुलन बदला
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 29 अक्टू. 2026, 05:36 PM
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बिहार एमएलसी चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने पटना शिक्षक और दरभंगा स्नातक सीटें भाजपा से छीन लीं। आठ में से केवल तीन सीटें एनडीए के पास रहीं।
बिहार विधान परिषद के नवीनतम चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दो ऐसी सीटें जीत लीं जो पहले भाजपा के पास थीं। ये जीत पटना शिक्षक और दरभंगा स्नातक सीटों पर हुई, जिससे राजद को महत्वपूर्ण लाभ मिला।
आठ में से केवल तीन सीटें एनडीए के पास रहीं, जबकि राजद ने दो प्रमुख सीटें हासिल कर लीं। यह बदलाव बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में बदलती मतदाता भावना को दर्शाता है।
पटना शिक्षक सीट, जिसे लंबे समय से भाजपा का मजबूत क्षेत्र माना जाता था, अब राजद के हाथ में है, जो शिक्षकों के बीच बढ़ते समर्थन को दर्शाता है। इसी तरह, दरभंगा स्नातक सीट भी राजद के पक्ष में गई, जो क्षेत्र के शिक्षित मतदाताओं के बीच इसकी बढ़ती पकड़ को दर्शाता है।
इन परिणामों से यह संकेत मिलता है कि राजद का बिहार विधान परिषद में प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे आगामी राज्य चुनावों में गठबंधन और नीति प्राथमिकताओं पर असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि राजद की इन जीतों से बिहार के ऊपरी सदन में शक्ति संतुलन बदल सकता है, क्योंकि पार्टी अब दो महत्वपूर्ण सीटों पर मजबूत पकड़ बना चुकी है।
आठ में से केवल तीन सीटें एनडीए के पास रहीं, जबकि राजद ने दो प्रमुख सीटें हासिल कर लीं। यह बदलाव बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में बदलती मतदाता भावना को दर्शाता है।
पटना शिक्षक सीट, जिसे लंबे समय से भाजपा का मजबूत क्षेत्र माना जाता था, अब राजद के हाथ में है, जो शिक्षकों के बीच बढ़ते समर्थन को दर्शाता है। इसी तरह, दरभंगा स्नातक सीट भी राजद के पक्ष में गई, जो क्षेत्र के शिक्षित मतदाताओं के बीच इसकी बढ़ती पकड़ को दर्शाता है।
इन परिणामों से यह संकेत मिलता है कि राजद का बिहार विधान परिषद में प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे आगामी राज्य चुनावों में गठबंधन और नीति प्राथमिकताओं पर असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि राजद की इन जीतों से बिहार के ऊपरी सदन में शक्ति संतुलन बदल सकता है, क्योंकि पार्टी अब दो महत्वपूर्ण सीटों पर मजबूत पकड़ बना चुकी है।