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30 सित. 2026•
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बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता पर स्वास्थ्य‑अधिव्यसन की चेतावनी
📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
स्वास्थ्य

बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता पर स्वास्थ्य‑अधिव्यसन की चेतावनी

✍️ Hindustan Times 🗓 13 सित. 2026, 05:54 PM 👁 37
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विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कैलोरी गिनती, नींद मॉनिटरिंग और फिटनेस ट्रैकिंग पर बढ़ता ध्यान संतुलित जीवन शैली की बजाय स्वास्थ्य‑अधिव्यसन बन सकता है।

भारत के शहरी मध्यम वर्ग में कैलोरी, नींद और दैनिक गतिविधि को ट्रैक करने वाले डिजिटल उपकरणों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य जागरूकता में उल्लेखनीय उछाल आया है। मोबाइल ऐप और पहनने योग्य गैजेट अब आम हो गए हैं, जो उपयोगकर्ताओं को लक्ष्य निर्धारित करने और वास्तविक‑समय डेटा दर्ज करने के लिए प्रेरित करते हैं।

हालाँकि कई लोग इस सक्रिय आत्म‑देखभाल को सराहते हैं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि आँकड़ों पर अत्यधिक निर्भरता से चिंता, बाध्यकारी व्यवहार और भोजन‑व्यायाम के प्रति विकृत दृष्टिकोण विकसित हो सकता है। वे बताते हैं कि केवल संख्याएँ समग्र स्वास्थ्य को नहीं दर्शा सकतीं और मानसिक स्वास्थ्य व सामाजिक संपर्क जैसे अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है।

विशेषज्ञ संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देते हैं: तकनीक को मार्गदर्शक के रूप में उपयोग करें, यथार्थवादी लक्ष्य रखें और आवश्यकता पड़ने पर पेशेवर सलाह लें। उनका निष्कर्ष स्पष्ट है – जागरूकता लाभदायक है, पर इसे संतुलित दृष्टिकोण के बिना अस्वस्थ अधिव्यसन में बदलना जोखिमपूर्ण है।
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