📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MEDIGADDA
राजनीति
रेवनथ रेड्डी ने मेडिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिला बांधों की पुनर्स्थापना के लिए दिसंबर लक्ष्य निर्धारित किया
✍️ Telangana Today
🗓 06 नव. 2026, 08:02 AM
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सीनियर कांग्रेस नेता रेवनथ रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के तीन प्रमुख बांधों को दिसंबर तक पुनर्स्थापित किया जाएगा, जिससे जल प्रबंधन में सुधार होगा।
सीनियर कांग्रेस नेता रेवनथ रेड्डी ने तेलंगाना के तीन प्रमुख जलाशयों की पुनर्स्थापना के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है। उन्होंने बताया कि मेडिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिला बांधों को दिसंबर के अंत तक पूरी तरह से बहाल किया जाएगा। यह घोषणा जल संसाधन को आगामी मानसून से पहले सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई।
इन तीनों बांधों को हाल के वर्षों में संचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिससे कई जिलों में कृषि और पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। दिसंबर तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य जल कमी के जोखिम को फसल के प्रमुख मौसम से पहले कम करने के लिए निर्धारित किया गया है।
रेवनथ रेड्डी ने कहा कि पुनर्स्थापना कार्य में राज्य जल सिंचन विभाग, ठेकेदारों और स्थानीय हितधारकों का समन्वय आवश्यक होगा। उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और किसानों व समुदायों को अपेक्षित लाभ पहुंचाने की अपील की।
विस्तृत कार्य‑योजना का खुलासा नहीं किया गया, परन्तु दिसंबर की अंतिम तिथि जल प्रबंधन में सरकार की जवाबदेही को उजागर करने के लिए विपक्ष की एक ठोस पहल दर्शाती है। यह कदम राज्य में सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े नीतियों पर चर्चा को प्रभावित कर सकता है।
इन तीनों बांधों को हाल के वर्षों में संचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिससे कई जिलों में कृषि और पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। दिसंबर तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य जल कमी के जोखिम को फसल के प्रमुख मौसम से पहले कम करने के लिए निर्धारित किया गया है।
रेवनथ रेड्डी ने कहा कि पुनर्स्थापना कार्य में राज्य जल सिंचन विभाग, ठेकेदारों और स्थानीय हितधारकों का समन्वय आवश्यक होगा। उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और किसानों व समुदायों को अपेक्षित लाभ पहुंचाने की अपील की।
विस्तृत कार्य‑योजना का खुलासा नहीं किया गया, परन्तु दिसंबर की अंतिम तिथि जल प्रबंधन में सरकार की जवाबदेही को उजागर करने के लिए विपक्ष की एक ठोस पहल दर्शाती है। यह कदम राज्य में सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े नीतियों पर चर्चा को प्रभावित कर सकता है।