📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramon Casas
बिज़नेस
RERA ने कोर्ट से रुके हुए आवासीय प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग की
✍️ The Times of India
🗓 28 सित. 2026, 06:46 AM
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रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने एक रुके हुए आवासीय प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अदालत से आदेश माँगा है, जिससे गृह खरीदारों के हित सुरक्षित हों।
रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने एक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसमें रुके हुए आवासीय प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। RERA, जो गृह खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए स्थापित है, ने कहा कि इस देरी से नियमन का उल्लंघन हो रहा है और संभावित मालिकों को नुकसान पहुँच रहा है।
याचिका में नियामक ने बताया कि डेवलपर ने कई नोटिसों के बावजूद निर्माण के निर्धारित चरणों को पूरा नहीं किया है, जिससे खरीदारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। RERA ने अदालत से आदेश देने की अपील की है कि बिल्डर को काम फिर से शुरू करने और मूल समय‑सीमा का पालन करने के लिए बाध्य किया जाए, अन्यथा रियल एस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम के तहत दंडित किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि समान मामलों में अदालत के आदेशों का उपयोग अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है, जब प्रशासनिक उपाय पर्याप्त नहीं होते। यह याचिका RERA की भूमिका को उजागर करती है, जो प्रोजेक्ट देरी को रोकने और लाखों गृह खरीदारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को सुलझाने में महत्वपूर्ण बन रही है।
इस मामले का निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र में भविष्य में रुके हुए प्रोजेक्ट्स को कैसे संभाला जाए, इस पर एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे तेज़ समाधान और अधिक जवाबदेही की उम्मीद की जा रही है।
याचिका में नियामक ने बताया कि डेवलपर ने कई नोटिसों के बावजूद निर्माण के निर्धारित चरणों को पूरा नहीं किया है, जिससे खरीदारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। RERA ने अदालत से आदेश देने की अपील की है कि बिल्डर को काम फिर से शुरू करने और मूल समय‑सीमा का पालन करने के लिए बाध्य किया जाए, अन्यथा रियल एस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम के तहत दंडित किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि समान मामलों में अदालत के आदेशों का उपयोग अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है, जब प्रशासनिक उपाय पर्याप्त नहीं होते। यह याचिका RERA की भूमिका को उजागर करती है, जो प्रोजेक्ट देरी को रोकने और लाखों गृह खरीदारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को सुलझाने में महत्वपूर्ण बन रही है।
इस मामले का निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र में भविष्य में रुके हुए प्रोजेक्ट्स को कैसे संभाला जाए, इस पर एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे तेज़ समाधान और अधिक जवाबदेही की उम्मीद की जा रही है।