📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Viktor Deni
विज्ञान
महाराष्ट्र में रिहा हुए पुनर्वासित गिद्ध ने आठ हफ्तों में 1,600 किमी की दूरी तय की
✍️ Mid-Day
🗓 02 अग. 2026, 05:03 PM
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महाराष्ट्र में पुनर्वासित गिद्ध को रिहा करने के बाद केवल आठ हफ्तों में 1,600 किमी से अधिक की दूरी तय करते देखा गया।
भारत में गिद्धों की आबादी में तेज गिरावट के कारण देश भर में पुनर्वास कार्यक्रम चल रहे हैं। महाराष्ट्र में हाल ही में एक गिद्ध को रिहा करना इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इस गिद्ध को एक पुनर्वास केंद्र में बचाया गया और उसकी देखभाल की गई, जिसके बाद उसे महाराष्ट्र के जंगली क्षेत्र में रिहा किया गया। केवल आठ हफ्तों में इसने 1,600 किमी से अधिक की दूरी तय की, जो उसकी उड़ान क्षमता और अनुकूलनशीलता को दर्शाती है।
गिद्ध द्वारा तय की गई दूरी यह स्पष्ट करती है कि पुनर्वास कार्यक्रम गिद्धों को जंगली जीवन के लिए तैयार कर रहा है। यह उनके शवभक्षी भूमिका से पर्यावरणीय संतुलन में योगदान की संभावना भी दिखाता है।
संरक्षण कार्यकर्ता आगे के अध्ययन के लिए इस गिद्ध की गतिविधियों पर नज़र रखेंगे और अन्य राज्यों में कार्यक्रम का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, ताकि भारत के गिद्धों की आबादी को पुनर्जीवित किया जा सके।
इस गिद्ध को एक पुनर्वास केंद्र में बचाया गया और उसकी देखभाल की गई, जिसके बाद उसे महाराष्ट्र के जंगली क्षेत्र में रिहा किया गया। केवल आठ हफ्तों में इसने 1,600 किमी से अधिक की दूरी तय की, जो उसकी उड़ान क्षमता और अनुकूलनशीलता को दर्शाती है।
गिद्ध द्वारा तय की गई दूरी यह स्पष्ट करती है कि पुनर्वास कार्यक्रम गिद्धों को जंगली जीवन के लिए तैयार कर रहा है। यह उनके शवभक्षी भूमिका से पर्यावरणीय संतुलन में योगदान की संभावना भी दिखाता है।
संरक्षण कार्यकर्ता आगे के अध्ययन के लिए इस गिद्ध की गतिविधियों पर नज़र रखेंगे और अन्य राज्यों में कार्यक्रम का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, ताकि भारत के गिद्धों की आबादी को पुनर्जीवित किया जा सके।