📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
यात्रा
रनथंभौर में नया साल 2027 सफारी के लिए 46,500 बुकिंग, विदेशी पर्यटकों की बड़ी भागीदारी
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 02 नव. 2026, 06:31 PM
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1 नवंबर को बुकिंग शुरू होते ही 46,500 यात्रियों, जिनमें 19,500 विदेशी पर्यटक, ने रनथंबौर टाइगर रिज़र्व में नया साल 2027 सफारी के लिए टिकट बुक कर लिए।
रनथंबौर टाइगर रिज़र्व में 1 नवंबर को नया साल 2027 सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग शुरू होते ही अभूतपूर्व उत्साह देखी गई। केवल कुछ ही दिनों में कुल 46,500 टिकट बुक हो गए, जिससे इस उत्सव‑सम्बंधित वन्यजीव अनुभव की घरेलू मांग स्पष्ट हुई।
बुकींग डेटा से पता चलता है कि इन टिकटों में 19,500 विदेशी पर्यटकों ने खरीदे हैं, जिससे इस विशेष कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय रुचि स्थानीय मांग से अधिक है। यात्रा एजेंसियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म ने बताया कि टिकट उम्मीद से तेज़ी से भर गए।
पार्क अधिकारियों ने कहा कि बड़ी भीड़ को संभालने और वन्यजीव सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। टाइगरों के प्राकृतिक आवास की रक्षा करते हुए अतिरिक्त गाइडेड टूर और विस्तारित दर्शक समय की व्यवस्था की जा रही है।
नया साल सफारी, जो वन्यजीव दर्शन को उत्सव के साथ जोड़ता है, क्षेत्र की पर्यटन आय में उल्लेखनीय वृद्धि का कारण बनेगा। स्थानीय होटलों और परिवहन सेवाओं के साथ समन्वय करके आगंतुकों की बढ़ती संख्या को संभालने की तैयारी चल रही है।
विदेशी पर्यटकों की इस मजबूत भागीदारी को भारत के इको‑टूरिज़्म सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे संरक्षण और सुविधाओं में निरंतर निवेश भविष्य में इसी तरह की मांग को बनाए रख सकता है।
बुकींग डेटा से पता चलता है कि इन टिकटों में 19,500 विदेशी पर्यटकों ने खरीदे हैं, जिससे इस विशेष कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय रुचि स्थानीय मांग से अधिक है। यात्रा एजेंसियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म ने बताया कि टिकट उम्मीद से तेज़ी से भर गए।
पार्क अधिकारियों ने कहा कि बड़ी भीड़ को संभालने और वन्यजीव सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। टाइगरों के प्राकृतिक आवास की रक्षा करते हुए अतिरिक्त गाइडेड टूर और विस्तारित दर्शक समय की व्यवस्था की जा रही है।
नया साल सफारी, जो वन्यजीव दर्शन को उत्सव के साथ जोड़ता है, क्षेत्र की पर्यटन आय में उल्लेखनीय वृद्धि का कारण बनेगा। स्थानीय होटलों और परिवहन सेवाओं के साथ समन्वय करके आगंतुकों की बढ़ती संख्या को संभालने की तैयारी चल रही है।
विदेशी पर्यटकों की इस मजबूत भागीदारी को भारत के इको‑टूरिज़्म सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे संरक्षण और सुविधाओं में निरंतर निवेश भविष्य में इसी तरह की मांग को बनाए रख सकता है।