📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
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आरबीआई की नीति परिवर्तन से 22 साल के प्रतिबंध का अंत, गुजरात में 4‑6 नई सहकारी बैंकों की संभावना
✍️ Vibes Of India
🗓 21 अग. 2026, 05:02 AM
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आरबीआई द्वारा नियामक बदलाव से 22 साल से चल रहे नए सहकारी बैंकों पर प्रतिबंध हट सकता है, जिससे गुजरात में चार‑से‑छह नई बैंकों की संभावना बन रही है।
आरबीआई ने 2002 से लागू नियमों में संशोधन करने की संभावना जताई है, जिससे 22 साल से नए सहकारी बैंकों की स्थापना पर प्रतिबंध लगा रहा था।
उद्योग के सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव से गुजरात राज्य, जहाँ सहकारी बैंकों का नेटवर्क सीमित है, चार से छह नई बैंकों की स्थापना कर सकेगा।
आरबीआई का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को गहरा करना, कृषि और सूक्ष्म‑लघु‑मध्यम उद्यमों को अधिक क्रेडिट उपलब्ध कराना और सहकारी क्षेत्र को व्यापक बैंकिंग सुधारों के साथ संरेखित करना है।
अंतिम स्वीकृति के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी होगी और प्रत्येक संभावित बैंक को आरबीआई के पूँजी, शासन और जोखिम‑प्रबंधन मानकों को पूरा करना होगा।
वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच में सुधार हो सकता है, परन्तु जमा करने वालों के हित की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी आवश्यक होगी।
उद्योग के सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव से गुजरात राज्य, जहाँ सहकारी बैंकों का नेटवर्क सीमित है, चार से छह नई बैंकों की स्थापना कर सकेगा।
आरबीआई का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को गहरा करना, कृषि और सूक्ष्म‑लघु‑मध्यम उद्यमों को अधिक क्रेडिट उपलब्ध कराना और सहकारी क्षेत्र को व्यापक बैंकिंग सुधारों के साथ संरेखित करना है।
अंतिम स्वीकृति के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी होगी और प्रत्येक संभावित बैंक को आरबीआई के पूँजी, शासन और जोखिम‑प्रबंधन मानकों को पूरा करना होगा।
वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच में सुधार हो सकता है, परन्तु जमा करने वालों के हित की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी आवश्यक होगी।