📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
बिज़नेस
आरबीआई ब्यूलेटिन: मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक आधार ने भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक जोखिमों से बचाया
✍️ News18
🗓 24 अक्टू. 2026, 09:48 AM
👁 20
भारतीय रिज़र्व बैंक के ताज़ा ब्यूलेटिन में बताया गया है कि मजबूत घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक मूलभूत तथ्यों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा है, जिससे वह वैश्विक चुनौतियों का सामान करने में सक्षम रही है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने अपने ताज़ा ब्यूलेटिन में भारतीय अर्थव्यवस्था की वैश्विक चुनौतियों के बीच दिखाई गई मजबूती पर प्रकाश डाला है। रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक मूलभूत तथ्य (fundamentals) ने बाहरी झटकों के खिलाफ एक प्रभावी बफर का काम किया है।
ब्यूलेटिन में बताया गया है कि इन ठोस आंतरिक संकेतों ने देश की आर्थिक प्रगति को स्थिर रखा है। इस संरचनात्मक मजबूती के कारण, भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था की गंभीर समस्याओं के बावजूद भी अपनी स्थिरता बनाए रखने में सक्षम रही है।
केंद्रीय बैंक का मूल्यांकन यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की गहराई और विस्तार एक सुरक्षा जाल के रूप में कार्य करते हैं। इन मजबूत मूलभूत तथ्यों के依托 होकर, अर्थव्यवस्था ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सामना किया है, बिना अपनी मुख्य स्थिरता को प्रभावित किए।
ब्यूलेटिन में बताया गया है कि इन ठोस आंतरिक संकेतों ने देश की आर्थिक प्रगति को स्थिर रखा है। इस संरचनात्मक मजबूती के कारण, भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था की गंभीर समस्याओं के बावजूद भी अपनी स्थिरता बनाए रखने में सक्षम रही है।
केंद्रीय बैंक का मूल्यांकन यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की गहराई और विस्तार एक सुरक्षा जाल के रूप में कार्य करते हैं। इन मजबूत मूलभूत तथ्यों के依托 होकर, अर्थव्यवस्था ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सामना किया है, बिना अपनी मुख्य स्थिरता को प्रभावित किए।