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08 Oct 2026•
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रायगढ़ में पटवारी गिरफ्तार, आदिवासी और शासकीय जमीन के फर्जीवाड़े का खुलासा
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रायगढ़ में पटवारी गिरफ्तार, आदिवासी और शासकीय जमीन के फर्जीवाड़े का खुलासा

✍️ Reporter: Vishwanath Pratap Singh 🗓 03 Sep 2026, 08:32 AM 👁 55
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रायगढ़ जिले में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के दो गंभीर मामलों में कापू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय को गिरफ्तार किया है।

जिले में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के दो गंभीर मामलों में कापू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर पण्डो जनजाति की भूमि को कथित तौर पर फर्जी तरीके से गैर-आदिवासी के नाम दर्ज कराने और ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि के फर्जी दस्तावेज एवं पट्टे तैयार कर दलालों के माध्यम से रजिस्ट्री कराने के आरोप हैं।
यह कार्रवाई कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर की गई। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” अभियान के दौरान कापू पुलिस को राकेश साय के ग्राम गनपतपुर क्षेत्र में देखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया और गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दोनों मामलों में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया एक लैपटॉप और एक प्रिंटर मशीन भी जब्त की है। दोनों प्रकरणों में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पण्डो जनजाति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज कराने का आरोप
पहले मामले की जांच में ग्राम डुमरनारा स्थित खसरा नंबर 409 की भूमि का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार यह जमीन पूर्व से पण्डो जनजाति के सदस्यों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी। जांच के दौरान वर्ष 2023-24 के अभिलेखों में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के भूमि को सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज किया जाना पाया गया।
इसके बाद 21 फरवरी 2024 को उक्त भूमि को रायपुर निवासी संतोष देवी गुप्ता के नाम रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से बेच दिया गया। जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि विक्रेता के रूप में जिस व्यक्ति को प्रस्तुत किया गया, उसका वास्तविक नाम सुखन राठिया पिता धनाराम, जाति कंवर है।

दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। जांच में तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय द्वारा जमीन की बिक्री के लिए चौहद्दी उपलब्ध कराए जाने की बात भी सामने आई है।
शासकीय जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप
दूसरे मामले में ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि से संबंधित दस्तावेजों और पट्टों में कथित फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है। आरोप है कि शासकीय भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें दलालों के माध्यम से रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया गया।

दोनों मामलों में अपराध दर्ज होने के बाद से तत्कालीन पटवारी राकेश साय फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे ग्राम गनपतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर दोनों मामलों में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और जमीन संबंधी दस्तावेजों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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