राजनीति
रुड़की में कानून-व्यवस्था तार-तार: छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई को मरणासन्न पीटा, बहनों के कपड़े फाड़े; CM हेल्पलाइन और पुलिस सब मौन, अब आरोप रुड़की / झबरेड़ा (उत्तराखंड)
उत्तराखंड में जहां एक तरफ महिला सुरक्षा और 'अपराध मुक्त देवभूमि' के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र से पुलिसिया निष्क्रियता और दबंगों के हौसले बुलंद होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां ग्राम हिराहेड़ी के रहने वाले एक साधारण परिवार के युवक शेषराज और उसकी बहनों पर सरेराह जानलेवा हमला किया गया, बहनों की अस्मत पर हाथ डाला गया और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस, जिले के आला अधिकारियों से लेकर सूबे की सर्वोच्च मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) तक गुहार लगाने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 15 सितंबर 2026 को हिराहेड़ी निवासी शेषराज अपनी सगी बहनों को साथ लेकर किसी कार्य से इकबालपुर जा रहा था। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे नामजद दबंगों अनुज तोमर (पुत्र सौरभ, पौत्र सुरेश सिंह) और अक्षय (पुत्र बिरमपाल सिंह) ने बदनीयती से उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने सरेराह शेषराज की बहनों के साथ बेहद अश्लील हरकतें कीं, उनकी इज्जत पर हाथ डाला और विरोध करने पर उनके कपड़े तक फाड़ दिए। जब भाई शेषराज अपनी बहनों की अस्मत बचाने आगे आया, तो आरोपियों ने उसे लाठी-डंडों से मरणासन्न होने तक पीटा। बहनों के जोर-जोर से चिल्लाने पर जब रास्ते से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय लोग वहां रुके, तब जाकर किसी तरह पीड़ितों की जान बची और आरोपी मौके से फरार हो गए। CM हेल्पलाइन से लेकर SP-SDM तक सब ठंडे, पुलिस का सुस्त रवैया: पीड़ित शेषराज ने घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाना झबरेड़ा और पुलिस चौकी इकबालपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के रसूख के आगे घुटने टेकते हुए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हार मानकर पीड़ित ने 18 सितंबर 2026 को एसपी देहात (SP Rural) रुड़की और एसडीएम (SDM) रुड़की को व्यक्तिगत रूप से मिलकर लिखित शिकायती पत्र सौंपा। जब अधिकारियों के स्तर से भी कोई मदद नहीं मिली, तो पीड़ित ने थक-हारकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) पर भी अपनी न्याय की गुहार दर्ज कराई। परंतु अत्यंत संवेदनशील और महिला अस्मत से जुड़ा मामला होने के बावजूद, सीएम हेल्पलाइन से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आज तक फाइलों को दबाकर रखा गया है और धरातल पर कार्रवाई शून्य है।
अब मिल रही है सरेआम 'गैंगरेप' की धमकी, सहमा है परिवार: पुलिस, प्रशासन और सरकारी सिस्टम की इसी ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण आरोपियों के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि वे अब पीड़ित परिवार को खुलेआम जान से मारने और उनकी बहनों को दोबारा रास्ते पर लाने पर "गैंगरेप (बलात्कार)" करने की खौफनाक धमकियां दे रहे हैं। आरोपी लगातार कानून का मखौल उड़ाते हुए कह रहे हैं कि पुलिस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इस खौफनाक माहौल के कारण पीड़ित परिवार घर से बाहर निकलने में भी डर रहा है और किसी अनहोनी की आशंका से सहमा हुआ है। प्रशासन से तीखे सवाल:
स्थानीय जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े इतने संगीन मामले में आखिर झबरेड़ा पुलिस और रुड़की प्रशासन किसे संरक्षण दे रहा है? मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी अगर दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होती, तो जनता न्याय के लिए कहां जाए? क्या पुलिस किसी बड़ी वारदात या बलात्कार की घटना के घटित होने का इंतजार कर रही है? पीड़ित परिवार ने सूबे के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) से एक बार फिर मीडिया के माध्यम से गुहार लगाई है कि तत्काल दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए, अन्यथा किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी रुड़की प्रशासन और झबरेड़ा पुलिस की होगी।
क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 15 सितंबर 2026 को हिराहेड़ी निवासी शेषराज अपनी सगी बहनों को साथ लेकर किसी कार्य से इकबालपुर जा रहा था। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे नामजद दबंगों अनुज तोमर (पुत्र सौरभ, पौत्र सुरेश सिंह) और अक्षय (पुत्र बिरमपाल सिंह) ने बदनीयती से उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने सरेराह शेषराज की बहनों के साथ बेहद अश्लील हरकतें कीं, उनकी इज्जत पर हाथ डाला और विरोध करने पर उनके कपड़े तक फाड़ दिए। जब भाई शेषराज अपनी बहनों की अस्मत बचाने आगे आया, तो आरोपियों ने उसे लाठी-डंडों से मरणासन्न होने तक पीटा। बहनों के जोर-जोर से चिल्लाने पर जब रास्ते से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय लोग वहां रुके, तब जाकर किसी तरह पीड़ितों की जान बची और आरोपी मौके से फरार हो गए। CM हेल्पलाइन से लेकर SP-SDM तक सब ठंडे, पुलिस का सुस्त रवैया: पीड़ित शेषराज ने घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाना झबरेड़ा और पुलिस चौकी इकबालपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के रसूख के आगे घुटने टेकते हुए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हार मानकर पीड़ित ने 18 सितंबर 2026 को एसपी देहात (SP Rural) रुड़की और एसडीएम (SDM) रुड़की को व्यक्तिगत रूप से मिलकर लिखित शिकायती पत्र सौंपा। जब अधिकारियों के स्तर से भी कोई मदद नहीं मिली, तो पीड़ित ने थक-हारकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) पर भी अपनी न्याय की गुहार दर्ज कराई। परंतु अत्यंत संवेदनशील और महिला अस्मत से जुड़ा मामला होने के बावजूद, सीएम हेल्पलाइन से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आज तक फाइलों को दबाकर रखा गया है और धरातल पर कार्रवाई शून्य है।
अब मिल रही है सरेआम 'गैंगरेप' की धमकी, सहमा है परिवार: पुलिस, प्रशासन और सरकारी सिस्टम की इसी ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण आरोपियों के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि वे अब पीड़ित परिवार को खुलेआम जान से मारने और उनकी बहनों को दोबारा रास्ते पर लाने पर "गैंगरेप (बलात्कार)" करने की खौफनाक धमकियां दे रहे हैं। आरोपी लगातार कानून का मखौल उड़ाते हुए कह रहे हैं कि पुलिस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इस खौफनाक माहौल के कारण पीड़ित परिवार घर से बाहर निकलने में भी डर रहा है और किसी अनहोनी की आशंका से सहमा हुआ है। प्रशासन से तीखे सवाल:
स्थानीय जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े इतने संगीन मामले में आखिर झबरेड़ा पुलिस और रुड़की प्रशासन किसे संरक्षण दे रहा है? मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी अगर दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होती, तो जनता न्याय के लिए कहां जाए? क्या पुलिस किसी बड़ी वारदात या बलात्कार की घटना के घटित होने का इंतजार कर रही है? पीड़ित परिवार ने सूबे के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) से एक बार फिर मीडिया के माध्यम से गुहार लगाई है कि तत्काल दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए, अन्यथा किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी रुड़की प्रशासन और झबरेड़ा पुलिस की होगी।