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05 नव. 2026•
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उत्तarakhand के सिल्क्यारा बचाव में इस्तेमाल हुई रैट‑होल माइनिंग तकनीक से नेपाल के कामगारों को बचाया गया
📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
विदेश

उत्तarakhand के सिल्क्यारा बचाव में इस्तेमाल हुई रैट‑होल माइनिंग तकनीक से नेपाल के कामगारों को बचाया गया

✍️ Hindustan Times 🗓 15 सित. 2026, 08:36 AM 👁 86
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उत्तarakhand के सिल्क्यारा में फंसे खनिकों को बचाने वाली रैट‑होल माइनिंग पद्धति को नेपाल में फंसे कामगारों को बचाने के लिए अपनाया गया है।

नई दिल्ली, 15 सितंबर — नेपाल में फंसे कामगारों को निकालने के लिए भारत के उत्तराखंड के सिल्क्यारा बचाव में सफल हुई रैट‑होल माइनिंग पद्धति को अपनाया गया है। यह तकनीक संकरी, नियंत्रित सुरंगें बनाकर पीड़ितों तक पहुँचती है, जिससे आसपास की चट्टान को स्थिरता नहीं खोती और बचावकर्ता आपूर्ति पहुंचा कर सुरक्षित निकासी कर सकते हैं।

यह कदम नेपाल के खनन अधिकारियों और भारत के बचाव विशेषज्ञों के बीच परामर्श के बाद उठाया गया, जिन्होंने सिल्क्यारा में इसी पद्धति को लागू किया था। दोनों पक्षों ने कहा कि इस तकनीक की सटीकता और सतह पर न्यूनतम व्यवधान इसे नेपाल के नाजुक भूविज्ञान के लिए उपयुक्त बनाता है।

रैट‑होल सुरंग का पहला ड्रिलिंग शुरू हो चुका है, और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार फंसे कामगारों को नई बनी सुरंग से ऑक्सीजन व प्राथमिक चिकित्सा मिल रही है। सुरक्षा मूल्यांकन के बाद अगले 48 घंटे में पूरी निकासी पूरी होने की उम्मीद है।

यह द्विपक्षीय सहयोग दोनों देशों के बीच आपदा प्रतिक्रिया में बढ़ती साझेदारी को दर्शाता है, जहाँ नेपाल ने भारतीय विशेषज्ञों द्वारा साझा की गई विशेषज्ञता के लिए आभार व्यक्त किया है।

अब तक कोई हताहत नहीं बताया गया है, और ऑपरेशन भारतीय एवं नेपाली सुरक्षा इंजीनियरों की करीबी निगरानी में जारी है।
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