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06 अक्टू. 2026•
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रणथंभौर में केरल मॉडल से प्रेरित हाई‑टेक सेंसर, तेंदु हमलों को रोकेंगे
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
टेक्नोलॉजी

रणथंभौर में केरल मॉडल से प्रेरित हाई‑टेक सेंसर, तेंदु हमलों को रोकेंगे

✍️ Amar Ujala · Rajasthan 🗓 06 अक्टू. 2026, 01:31 PM 👁 16
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राजस्थान वन विभाग केरल मॉडल को अपनाते हुए रणथंभौर टाइगर रिज़र्व के आसपास मोशन सेंसर और साइलेंट अलार्म लगाएगा, ताकि तेंदु गांवों के पास आते ही सतर्क किया जा सके।

राजस्थान के वन विभाग ने रणथंभौर टाइगर रिज़र्व के निकट बढ़ती तेंदु आवाज़ा और मानव‑वन्यजीव टकराव को रोकने के लिए एक पायलट योजना की घोषणा की है। हालिया घटनाओं में तेंदुओं का गांवों में प्रवेश करने की रिपोर्टें बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों और अधिकारियों में चिंता बढ़ी है।

इस योजना के तहत रिज़र्व की सीमाओं के प्रमुख बिंदुओं पर मोशन‑सेंसर और साइलेंट अलार्म डिवाइस लगाए जाएंगे। जब कोई वन्यजीव सेंसर को सक्रिय करेगा, तो कम आवाज़ वाला अलार्म बजेगा, जिससे वन रक्षक और निकटवर्ती बस्तियों को बिना जानवर को डरे सूचना मिल सकेगी। यह तकनीक केरल के सफल वन्यजीव‑संघर्ष मॉडल पर आधारित है, जहाँ हाथियों की आवाज़ा को नियंत्रित करने के लिए समान उपकरण उपयोग में लाए जाते हैं।

स्थापना कार्य आने वाले हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, और प्रारंभिक रूप से उन क्षेत्रों में लगाया जाएगा जहाँ हालिया गश्त डेटा से जोखिम अधिक दिखा है। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली आकस्मिक टकराव को कम करेगी, पशुधन की सुरक्षा बढ़ाएगी और तेंदुओं तथा मनुष्यों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, साथ ही रिज़र्व के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखेगी।
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