📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
स्थानीय
रणथंभौर का बाघ T-108 की सेहत में सुधार, वन विभाग की सतर्क निगरानी
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 12 अक्टू. 2026, 04:15 PM
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वन विभाग ने बताया कि चेहरे की चोट से ग्रस्त बाघ T-108 (जय) की सेहत में सुधार हो रहा है और रणथंभौर टाइगर रिज़र्व में उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
रणथंभौर टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में बाघ T-108, जिसे ‘जय’ के नाम से जाना जाता है, की सेहत में सकारात्मक बदलाव दर्ज किया गया है। चेहरे के पास दिखने वाली चोट के बाद, वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब बाघ में सुधार के संकेत दिख रहे हैं।
विभाग ने कहा कि चोट के पता चलते ही पशु चिकित्सकों ने त्वरित उपचार शुरू किया और तब से नियमित स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। बाघ के व्यवहार और भूख में सुधार दिख रहा है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता स्पष्ट होती है।
वन विभाग लगातार कैमरा ट्रैप और स्थल निरीक्षण के माध्यम से T-108 की 24 घंटे निगरानी कर रहा है, ताकि आगे कोई जटिलता न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि घायल वन्यजीवों की निरंतर देखरेख उनके कल्याण के लिए आवश्यक है।
इस सुधार को संरक्षण कार्यकर्ताओं ने सराहा है, क्योंकि व्यक्तिगत बाघों की सेहत पूरे रणथंभौर पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति का संकेतक मानी जाती है।
विभाग ने कहा कि चोट के पता चलते ही पशु चिकित्सकों ने त्वरित उपचार शुरू किया और तब से नियमित स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। बाघ के व्यवहार और भूख में सुधार दिख रहा है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता स्पष्ट होती है।
वन विभाग लगातार कैमरा ट्रैप और स्थल निरीक्षण के माध्यम से T-108 की 24 घंटे निगरानी कर रहा है, ताकि आगे कोई जटिलता न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि घायल वन्यजीवों की निरंतर देखरेख उनके कल्याण के लिए आवश्यक है।
इस सुधार को संरक्षण कार्यकर्ताओं ने सराहा है, क्योंकि व्यक्तिगत बाघों की सेहत पूरे रणथंभौर पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति का संकेतक मानी जाती है।