🔥 TRENDING Sukma District Faces Flood After Heavy... Netflix Launches India’s Got Latent Pl... Taylor Swift Sets New MTV VMA Record,... Snoop Dogg to Host 2026 VMAs, Promises... Varanasi Producer Announces Post‑Produ... Madrid Sets Record as Hollywood's New...
29 Sep 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
रामपुरा में निपुण भारत मिशन के तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
Education

रामपुरा में निपुण भारत मिशन के तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

✍️ Reporter: HARISH CHANDRA 🗓 10 Aug 2026, 05:44 PM 👁 58
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

रामपुरा में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इसका उद्देश्य बच्चों की बुनियादी क्षमताओं को विकसित करना है।

रामपुरा। प्राथमिक शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से निपुण भारत मिशन के अंतर्गत पांच दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक संसाधन केंद्र टीहर, रामपुरा में हुआ। प्रशिक्षण में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षा मित्र प्रतिभाग कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन खंड शिक्षा अधिकारी रामपुरा शैलेंद्र उत्तम की देखरेख में किया जा रहा है। प्रशिक्षण के प्रथम बैच में लगभग 100 शिक्षक एवं शिक्षा मित्र शामिल हुए हैं। प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने-लिखने तथा गणितीय समझ की बुनियादी क्षमताओं को विकसित करना और निपुण भारत मिशन की अवधारणा को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करना है।

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान शिक्षकों को एफएलएन आधारित शिक्षण विधियों के साथ-साथ गतिविधि आधारित एवं बाल केंद्रित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों के बेहतर उपयोग, बच्चों की रुचि के अनुसार कक्षा शिक्षण को सरल और प्रभावशाली बनाने तथा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को समझने के विभिन्न तरीकों पर भी जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण में रवि करण सिंह, वीरेंद्र त्यागी, अमित गौतम, प्रवीण तिवारी एवं कुलदीप राठौर प्रशिक्षक के रूप में शिक्षकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न गतिविधियों एवं व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के प्रशिक्षण से शिक्षकों की कार्यक्षमता और शिक्षण कौशल में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को मिलेगा तथा बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद मिलेगी।
📲Get App