🔥 TRENDING પ્રાંતિજમાં 'એકલવ્ય ગરબા ક્લાસિસ'નો શુ... મેઘરજના રેલ્લાવાડામાં સગર્ભા માતાઓ માટ... Onam Week Festivities Kick Off Across... BJP chief Nitin Nabin convenes meeting... India Wins Inaugural FIFAe Continental... 121 New Liquor Brands Expected to Ente...
24 Aug 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

राखी पर बहनों के सपनों को मिली उड़ान, विष्णु भैया की सरकार में स्वरोजगार का सम्मान

✍️ Reporter: Vishwanath Pratap Singh 🗓 23 Aug 2026, 11:28 PM 👁 4
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मछली पालन से सेमरताल की 100 ग्रामीण महिलाओं एवं परिवारों को मिला आत्मनिर्भरता का नया अवसर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सरकार की इसी सोच को सेमरताल की ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और हौसले से नई पहचान दे रही हैं। मछली पालन को आजीविका का माध्यम बनाकर 100 ग्रामीण महिलाओं एवं उनके परिवारों ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। जनपद पंचायत बिल्हा के सेमरताल में ज्ञान सुधा संकुल संगठन के आईएफसी एवं आजीविका सेवा केंद्र द्वारा “राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत 100 हितग्राहियों को मछली पालन से जोड़ने के लिए प्रत्येक हितग्राही को 1000 फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया।” मत्स्य विभाग द्वारा कुल 150 पैकेट फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया। एक पैकेट में 1000 मछली बीज हितग्राहियों को मात्र 300 रुपये में उपलब्ध कराया गया।
*कम लागत में स्वरोजगार की शुरुआत*
मछली बीज उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को कम लागत में मछली पालन शुरू करने का अवसर मिला है। इससे महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार का साधन मिला है और परिवार की आय बढ़ाने की उम्मीद भी मजबूत हुई है। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में इन परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार होगा खुशहाल*
सेमरताल की यह पहल बताती है कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मछली पालन से जुड़कर महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को आमदनी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। आजीविका के ऐसे अवसर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवारों को भी आर्थिक रूप से मजबूत करने में सहायक बन रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर सेमरताल की बहनों की यह पहल आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई कहानी कह रही है। राखी के इस पावन पर्व पर बहनों के सपनों को उड़ान मिल रही है और स्वरोजगार के माध्यम से उनके हाथ मजबूत हो रहे हैं।
📲Get App