📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PIB Mumbai, Government of India
राजनीति
राकेश भाटी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामा, पाली में मदन राठौड़ की पकड़ कमजोर
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 29 अग. 2026, 02:36 PM
👁 4
कद्दावर नेता राकेश भाटी ने पाली में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होकर मदन राठौड़ की पकड़ को कमजोर कर दिया है।
राजस्थान के पाली जिले में वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश भाटी ने पार्टी छोड़ कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। यह कदम पाली में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में किया गया और अमर उजाला ने इसे रिपोर्ट किया। यह घटना राज्य के निकाय चुनावों से कुछ हफ्ते पहले सामने आई है, जिससे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को झटका लगा है।
भाटी, जो पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे हैं, ने कहा कि कांग्रेस अब लोगों की समस्याओं को बेहतर ढंग से सुलझाने का मंच प्रदान करती है। उनका यह कदम उनके व्यक्तिगत प्रभाव वाले क्षेत्रों, विशेषकर खंडार और मारवाड़ में, भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है।
राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की पार्टी बदलने से भाजपा की चुनावी रणनीति में जटिलता आ सकती है, जबकि मदन राठौड़ ने अपने क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने की कोशिश की थी। अभी तक भाजपा ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, पर अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इस प्रभाव को कम करने के लिए चर्चा चल रही है।
कांग्रेस ने भाटी का स्वागत किया और कहा कि उनका अनुभव और स्थानीय कनेक्शन आगामी चुनाव में पार्टी के लिए लाभदायक होगा। यह विकास राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ जोड़ता है।
भाटी, जो पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे हैं, ने कहा कि कांग्रेस अब लोगों की समस्याओं को बेहतर ढंग से सुलझाने का मंच प्रदान करती है। उनका यह कदम उनके व्यक्तिगत प्रभाव वाले क्षेत्रों, विशेषकर खंडार और मारवाड़ में, भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है।
राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की पार्टी बदलने से भाजपा की चुनावी रणनीति में जटिलता आ सकती है, जबकि मदन राठौड़ ने अपने क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने की कोशिश की थी। अभी तक भाजपा ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, पर अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इस प्रभाव को कम करने के लिए चर्चा चल रही है।
कांग्रेस ने भाटी का स्वागत किया और कहा कि उनका अनुभव और स्थानीय कनेक्शन आगामी चुनाव में पार्टी के लिए लाभदायक होगा। यह विकास राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ जोड़ता है।