📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Parliamentary Affairs
राजनीति
राज्यसभा में कस्तुरीरंगन रिपोर्ट पर 10 घंटे की चर्चा, सरकार आज देगा जवाब
✍️ The New Indian Express
🗓 22 सित. 2026, 07:31 AM
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राज्यसभा ने कस्तुरीरंगन रिपोर्ट पर दस घंटे चर्चा की, सरकार ने आज ही जवाब देने का आश्वासन दिया।
राज्यसभा ने कस्तुरीरंगन रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा के लिए विशेष सत्र आयोजित किया, जिसमें भारत की अंतरिक्ष नीति और संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। विभिन्न दलों के सांसदों ने कार्यान्वयन समय‑सीमा और वित्त पोषण पर सवाल उठाए।
यह चर्चा दस घंटे तक चली, जहाँ विपक्ष ने त्वरित कार्रवाई की मांग की, जबकि सरकार ने रिपोर्ट की सैटेलाइट नेविगेशन, रिमोट सेंसिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग संबंधी सिफ़ारिशों को उजागर किया। कई मंत्रियों ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए इस बात पर बल दिया कि यह सरकार की स्वावलंबी अंतरिक्ष रणनीति के साथ मेल खाता है।
सरकार ने आज ही रिपोर्ट के उत्तर को संसद में पेश करने का वचन दिया है, जिसमें प्रमुख सिफ़ारिशों को लागू करने के कदमों का विवरण होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इसरो और संबंधित परियोजनाओं के लिए आगामी बजट आवंटन पर असर पड़ेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार की संसदीय जांच अंतरिक्ष को रणनीतिक क्षेत्र के रूप में मान्यता देने की दिशा में राजनीतिक जागरूकता को दर्शाती है, जिसका रक्षा, संचार और वैज्ञानिक अनुसंधान पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
यह चर्चा दस घंटे तक चली, जहाँ विपक्ष ने त्वरित कार्रवाई की मांग की, जबकि सरकार ने रिपोर्ट की सैटेलाइट नेविगेशन, रिमोट सेंसिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग संबंधी सिफ़ारिशों को उजागर किया। कई मंत्रियों ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए इस बात पर बल दिया कि यह सरकार की स्वावलंबी अंतरिक्ष रणनीति के साथ मेल खाता है।
सरकार ने आज ही रिपोर्ट के उत्तर को संसद में पेश करने का वचन दिया है, जिसमें प्रमुख सिफ़ारिशों को लागू करने के कदमों का विवरण होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इसरो और संबंधित परियोजनाओं के लिए आगामी बजट आवंटन पर असर पड़ेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार की संसदीय जांच अंतरिक्ष को रणनीतिक क्षेत्र के रूप में मान्यता देने की दिशा में राजनीतिक जागरूकता को दर्शाती है, जिसका रक्षा, संचार और वैज्ञानिक अनुसंधान पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।