📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wing
स्वास्थ्य
राजस्थान को चाहिए नयी NIMHANS‑समान मानसिक स्वास्थ्य संस्थान
✍️ Hindustan Times
🗓 28 अक्टू. 2026, 04:46 AM
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विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में NIMHANS जैसी मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइंस संस्थान की आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान में विशेष देखभाल में कमी है।
हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक राय लेख ने राजस्थान में NIMHANS‑समान संस्थान की स्थापना की मांग की है, यह दर्शाते हुए कि राज्य को उन्नत मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइंस सेवाओं की आवश्यकता है। लेख में बताया गया है कि बेंगलुरु के NIMHANS को राष्ट्रीय मानक माना जाता है, जबकि राजस्थान में ऐसी कोई एकीकृत संस्था नहीं है जो अनुसंधान, उपचार और प्रशिक्षण को एक ही छत के नीचे लाए।
लेख यह भी उजागर करता है कि मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल रोगों की संख्या पूरे देश में बढ़ रही है, और राजस्थान की मौजूदा सुविधाएँ कई अस्पतालों में बिखरी हुई हैं, बिना किसी एकीकृत फोकस के। समर्थकों का कहना है कि एक समर्पित संस्थान रोगियों के परिणामों में सुधार, विशेषज्ञों को आकर्षित करने और क्षेत्रीय जनसांख्यिकी के अनुसार अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
यह राय यह भी बताती है कि इस प्रस्ताव को केवल क्षेत्रीय पक्षपात के रूप में खारिज नहीं किया जाना चाहिए; यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता है। लेख नीति निर्माताओं से आग्रह करता है कि राज्य‑स्तर के NIMHANS के दीर्घकालिक लाभों को ध्यान में रखें, जो रोगियों और व्यापक चिकित्सा समुदाय दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
अभी तक कोई सरकारी निर्णय घोषित नहीं हुआ है, परन्तु यह चर्चा भविष्य में राजस्थान की स्वास्थ्य‑बुनियादी ढाँचे की योजना को प्रभावित कर सकती है।
लेख यह भी उजागर करता है कि मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल रोगों की संख्या पूरे देश में बढ़ रही है, और राजस्थान की मौजूदा सुविधाएँ कई अस्पतालों में बिखरी हुई हैं, बिना किसी एकीकृत फोकस के। समर्थकों का कहना है कि एक समर्पित संस्थान रोगियों के परिणामों में सुधार, विशेषज्ञों को आकर्षित करने और क्षेत्रीय जनसांख्यिकी के अनुसार अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
यह राय यह भी बताती है कि इस प्रस्ताव को केवल क्षेत्रीय पक्षपात के रूप में खारिज नहीं किया जाना चाहिए; यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता है। लेख नीति निर्माताओं से आग्रह करता है कि राज्य‑स्तर के NIMHANS के दीर्घकालिक लाभों को ध्यान में रखें, जो रोगियों और व्यापक चिकित्सा समुदाय दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
अभी तक कोई सरकारी निर्णय घोषित नहीं हुआ है, परन्तु यह चर्चा भविष्य में राजस्थान की स्वास्थ्य‑बुनियादी ढाँचे की योजना को प्रभावित कर सकती है।