📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
सरकारी योजना
राजस्थान में 3,319 सार्वजनिक पार्कों के रखरखाव के लिए नया सिस्टम, हाईकोर्ट में सरकार ने योजना पेश की
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 01 नव. 2026, 09:00 AM
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राजस्थान सरकार ने 3,319 शहरी पार्कों के संरक्षण के लिए विस्तृत योजना हाईकोर्ट में पेश की, जिसमें सर्वेक्षण डेटाबेस शामिल है।
राजस्थान सरकार ने जयपुर में स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष सार्वजनिक पार्कों के संरक्षण और रखरखाव के लिए विस्तृत कार्ययोजना पेश की। यह योजना हाल ही में किए गए राज्यस्तरीय सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें शहरी निकायों के 3,319 पार्कों का डेटाबेस तैयार किया गया है।
प्रस्तावित योजना के तहत एक केंद्रीकृत डिजिटल सिस्टम लागू किया जाएगा, जो पार्कों की स्थिति की निगरानी, नियमित रखरखाव की समय‑सारिणी और संसाधनों के प्रभावी वितरण को संभव बनाएगा। साथ ही, नगर निगम के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्वच्छता व बागवानी मानकों को उन्नत करने हेतु आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से शहरी हरित क्षेत्रों में सुधार, नागरिकों के लिए स्वस्थ वातावरण का सृजन और न्यायालय तथा जनता को नियमित रिपोर्टिंग के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित होगी। योजना को इस वर्ष के अंत तक लागू करने की तैयारी है, बशर्ते न्यायालय की स्वीकृति मिल जाए।
यह कदम राजस्थान की शहरी विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो राष्ट्रीय हरित बुनियादी ढांचा दिशा‑निर्देशों के अनुरूप है।
आगे के चरण में, चयनित जिलों में पायलट परीक्षण के बाद पूरी राज्य में इस प्रणाली को लागू करने के लिए स्थानीय नगर निगमों को प्रतिक्रिया देने के लिए आमंत्रित किया गया है।
प्रस्तावित योजना के तहत एक केंद्रीकृत डिजिटल सिस्टम लागू किया जाएगा, जो पार्कों की स्थिति की निगरानी, नियमित रखरखाव की समय‑सारिणी और संसाधनों के प्रभावी वितरण को संभव बनाएगा। साथ ही, नगर निगम के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्वच्छता व बागवानी मानकों को उन्नत करने हेतु आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से शहरी हरित क्षेत्रों में सुधार, नागरिकों के लिए स्वस्थ वातावरण का सृजन और न्यायालय तथा जनता को नियमित रिपोर्टिंग के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित होगी। योजना को इस वर्ष के अंत तक लागू करने की तैयारी है, बशर्ते न्यायालय की स्वीकृति मिल जाए।
यह कदम राजस्थान की शहरी विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो राष्ट्रीय हरित बुनियादी ढांचा दिशा‑निर्देशों के अनुरूप है।
आगे के चरण में, चयनित जिलों में पायलट परीक्षण के बाद पूरी राज्य में इस प्रणाली को लागू करने के लिए स्थानीय नगर निगमों को प्रतिक्रिया देने के लिए आमंत्रित किया गया है।