📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / HEAVEN SOCIAL SEVA SOCIETY
अपराध
राजस्थान एसओजी ने फर्जी FMGE सर्टिफिकेट इंटर्नशिप घोटाले में चार लोगों को गिरफ्तार किया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 15 अक्टू. 2026, 04:15 PM
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राजस्थान के एसओजी ने फर्जी FMGE सर्टिफिकेट के आधार पर मेडिकल इंटर्नशिप कराने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया, जांच में 100 से अधिक संदिग्ध सामने आए हैं।
राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम (FMGE) के नकली सर्टिफिकेट बनाकर बेचने वाले जाल की जानकारी मिलने पर एक साथ कई छापेमारी की। इस कार्रवाई में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर इस योजना को चलाने और मेडिकल इंटर्नशिप व रजिस्ट्रेशन दिलवाने का आरोप है।
जाँच में पता चला कि प्रत्येक फर्जी सर्टिफिकेट के बदले 20 लाख से 30 लाख रुपये तक की रकम ली जा रही थी। यह उच्च कीमत उन उम्मीदवारों की इच्छा को दर्शाती है जो वैध FMGE प्रक्रिया को बायपास करके नौकरी पाना चाहते थे।
गिरफ्तार चार लोगों को पूछताछ के तहत रखा गया है, जबकि जांच में अब तक 100 से अधिक संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें भुगतान करवाने वाले मध्यस्थ और फर्जी दस्तावेज़ इस्तेमाल करने वाले मेडिकल ग्रेजुएट शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि पूरी साजिश को खत्म करने तक कार्रवाई जारी रहेगी।
FMGE परीक्षा उन डॉक्टरों के लिए अनिवार्य है जिन्होंने विदेश में पढ़ाई की है, ताकि वे भारत में अभ्यास करने से पहले राष्ट्रीय मानकों को पूरा कर सकें। नकली सर्टिफिकेटों का उपयोग रोगी सुरक्षा को खतरे में डालता है और मेडिकल संस्थानों की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है, इसलिए एसओजी ने सभी अस्पतालों और कॉलेजों को दस्तावेज़ों की सटीक जाँच करने की चेतावनी दी है।
वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया चल रही है और जाँच जारी है, जिससे इस धोखाधड़ी में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जाँच में पता चला कि प्रत्येक फर्जी सर्टिफिकेट के बदले 20 लाख से 30 लाख रुपये तक की रकम ली जा रही थी। यह उच्च कीमत उन उम्मीदवारों की इच्छा को दर्शाती है जो वैध FMGE प्रक्रिया को बायपास करके नौकरी पाना चाहते थे।
गिरफ्तार चार लोगों को पूछताछ के तहत रखा गया है, जबकि जांच में अब तक 100 से अधिक संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें भुगतान करवाने वाले मध्यस्थ और फर्जी दस्तावेज़ इस्तेमाल करने वाले मेडिकल ग्रेजुएट शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि पूरी साजिश को खत्म करने तक कार्रवाई जारी रहेगी।
FMGE परीक्षा उन डॉक्टरों के लिए अनिवार्य है जिन्होंने विदेश में पढ़ाई की है, ताकि वे भारत में अभ्यास करने से पहले राष्ट्रीय मानकों को पूरा कर सकें। नकली सर्टिफिकेटों का उपयोग रोगी सुरक्षा को खतरे में डालता है और मेडिकल संस्थानों की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है, इसलिए एसओजी ने सभी अस्पतालों और कॉलेजों को दस्तावेज़ों की सटीक जाँच करने की चेतावनी दी है।
वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया चल रही है और जाँच जारी है, जिससे इस धोखाधड़ी में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।