📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mukkti Foundation
मौसम
राजस्थान में 20% से अधिक वर्षा घाटा, 16 साल में सबसे बुरा
✍️ Business Standard
🗓 29 अक्टू. 2026, 07:16 PM
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राजस्थान ने 20% से अधिक वर्षा घाटा दर्ज किया, जो 2008 के बाद सबसे बड़ा है।
राजस्थान के मौसम विभाग ने बताया कि इस वर्ष की मानसून ने औसत वर्षा से 20% से अधिक की कमी दर्ज की, जो पिछले सोलह वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस मौसम में अपेक्षित वर्षा का केवल लगभग 80% ही प्राप्त हुआ।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस कमी से जल संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा, खासकर उन जिलों में जहाँ खेती मुख्यतः वर्षा पर निर्भर है। बाजरा, सरसों और दाल जैसी फसलों की पैदावार घटने की संभावना है, जिससे खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय पर असर पड़ सकता है।
राज्य सरकार ने आपातकालीन उपायों की घोषणा की है, जिसमें जलाशयों से पानी जारी करना, भूजल पुनर्भरण परियोजनाओं को तेज करना और प्रभावित गांवों को सूखा राहत किट वितरित करना शामिल है। साथ ही, जल‑संचयन तकनीकों को अपनाने की सलाह भी दी गई है।
2008 के समान वर्षा घाटे से तुलना करने पर राजस्थान के शुष्क और अर्ध‑शुष्क क्षेत्रों में वर्षा पैटर्न में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत मिलता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस कमी से जल संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा, खासकर उन जिलों में जहाँ खेती मुख्यतः वर्षा पर निर्भर है। बाजरा, सरसों और दाल जैसी फसलों की पैदावार घटने की संभावना है, जिससे खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय पर असर पड़ सकता है।
राज्य सरकार ने आपातकालीन उपायों की घोषणा की है, जिसमें जलाशयों से पानी जारी करना, भूजल पुनर्भरण परियोजनाओं को तेज करना और प्रभावित गांवों को सूखा राहत किट वितरित करना शामिल है। साथ ही, जल‑संचयन तकनीकों को अपनाने की सलाह भी दी गई है।
2008 के समान वर्षा घाटे से तुलना करने पर राजस्थान के शुष्क और अर्ध‑शुष्क क्षेत्रों में वर्षा पैटर्न में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत मिलता है।