📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sharvarism
राजनीति
राजस्थान के सांसदों ने अरावली उच्चाधिकार समिति की जन‑सुनवाई प्रक्रिया पर उठाए सवाल
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 26 अग. 2026, 04:47 PM
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राजस्थान के दो सांसद और एक एलओपी ने अरावली उच्चाधिकार समिति की जन‑सुनवाई व क्षेत्र भ्रमण को लेकर आपत्ति जताई, रिपोर्ट की समयसीमा बढ़ाने की मांग की।
जयपुर में अरावली उच्चाधिकार समिति को राजस्थान के सांसद राजकुमार रोट, टीकाराम जूली और लोकायुक्त अमराराम ने सवालों के घेरे में डाल दिया। दोनों सांसदों ने समिति की जन‑सुनवाई और हालिया क्षेत्र भ्रमण की प्रक्रिया पर पारदर्शिता और हितधारकों की भागीदारी की कमी का आरोप लगाया।
विधायकों ने कहा कि समिति को अपना रिपोर्ट तैयार करने के लिये वर्तमान समय सीमा अपर्याप्त है, जिससे सार्वजनिक प्रतिक्रिया को पूरी तरह से शामिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने रिपोर्ट की समयसीमा बढ़ाने की मांग की, ताकि विस्तृत परामर्श और अरावली क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का गहन मूल्यांकन किया जा सके।
अभी तक समिति के प्रतिनिधियों ने इन मांगों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परन्तु यह मुद्दा राज्य सभा में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन पर व्यापक चर्चा को जन्म दे रहा है।
यह विवाद उन उच्चाधिकार समितियों की निगरानी पर बढ़ती राजनीतिक सतर्कता को उजागर करता है, जो राजस्थान में आर्थिक प्रगति और नाजुक पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही हैं।
विधायकों ने कहा कि समिति को अपना रिपोर्ट तैयार करने के लिये वर्तमान समय सीमा अपर्याप्त है, जिससे सार्वजनिक प्रतिक्रिया को पूरी तरह से शामिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने रिपोर्ट की समयसीमा बढ़ाने की मांग की, ताकि विस्तृत परामर्श और अरावली क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का गहन मूल्यांकन किया जा सके।
अभी तक समिति के प्रतिनिधियों ने इन मांगों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परन्तु यह मुद्दा राज्य सभा में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन पर व्यापक चर्चा को जन्म दे रहा है।
यह विवाद उन उच्चाधिकार समितियों की निगरानी पर बढ़ती राजनीतिक सतर्कता को उजागर करता है, जो राजस्थान में आर्थिक प्रगति और नाजुक पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही हैं।