📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sojat
नौकरी
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्लेसमेंट एजेंसी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन का आदेश
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 08 नव. 2026, 10:02 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन से वंचित नहीं किया जा सकता।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्त चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन का अधिकार है। यह आदेश उन कई कर्मचारियों की याचिकाओं के बाद आया जो दावा कर रहे थे कि उन्हें सरकारी कर्मचारियों के समान वर्गीकरण के बावजूद न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति का तरीका वेतन निर्धारण का आधार नहीं बन सकता। सभी संबंधित विभागों और प्लेसमेंट एजेंसियों को राजस्थान न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने का निर्देश दिया गया है।
यह निर्णय राज्य भर में हजारों अनुबंधित कर्मचारियों पर असर डालेगा और सार्वजनिक क्षेत्र की प्लेसमेंट एजेंसियों की भर्ती प्रथा की पुनः समीक्षा को प्रेरित करेगा। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई की संभावना है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति का तरीका वेतन निर्धारण का आधार नहीं बन सकता। सभी संबंधित विभागों और प्लेसमेंट एजेंसियों को राजस्थान न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने का निर्देश दिया गया है।
यह निर्णय राज्य भर में हजारों अनुबंधित कर्मचारियों पर असर डालेगा और सार्वजनिक क्षेत्र की प्लेसमेंट एजेंसियों की भर्ती प्रथा की पुनः समीक्षा को प्रेरित करेगा। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई की संभावना है।