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राजनीति
राजस्थान हाईकोर्ट ने रात 10 बजे सुनवाई, बीकानेर पार्षद मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक
✍️ Amar Ujala · Jodhpur
🗓 21 सित. 2026, 08:00 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पहली बार रात 10 बजे सुनवाई की और बीकानेर के कांग्रेस पार्षद तथा पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक दी, जो 21 सितंबर को होने वाले महापौर चुनाव से पहले आया।
राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को पहली बार रात 10 बजे सुनवाई की और कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगाई। अहमद, जो पूर्व यूआईटी अध्यक्ष भी रह चुके हैं, एक चल रहे मामले में हिरासत में थे, जिससे उनके वकीलों ने आपात राहत की याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने उनके खिलाफ की गई गिरफ्तारी को स्थगित करने का आदेश दिया, जिससे वह आगे की सुनवाई तक रिहा रह सकें। यह निर्णय बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव से कुछ हफ्ते पहले आया, जो 21 सितंबर को निर्धारित है। अधिकारियों ने कहा था कि पार्षद की हिरासत चुनावी प्रक्रिया और उनके निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकती है।
कानूनी विश्लेषकों ने बताया कि हाईकोर्ट का यह देर रात का सत्र इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है, विशेषकर चुनाव की निकटता और राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए। यह रोक गिरफ्तारी रिहाई नहीं, बल्कि आगे की जांच के लिए अस्थायी राहत है।
स्थानीय पार्टी नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया, इसे महापौर चुनाव से पहले सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का आवश्यक कदम माना।
कोर्ट ने उनके खिलाफ की गई गिरफ्तारी को स्थगित करने का आदेश दिया, जिससे वह आगे की सुनवाई तक रिहा रह सकें। यह निर्णय बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव से कुछ हफ्ते पहले आया, जो 21 सितंबर को निर्धारित है। अधिकारियों ने कहा था कि पार्षद की हिरासत चुनावी प्रक्रिया और उनके निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकती है।
कानूनी विश्लेषकों ने बताया कि हाईकोर्ट का यह देर रात का सत्र इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है, विशेषकर चुनाव की निकटता और राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए। यह रोक गिरफ्तारी रिहाई नहीं, बल्कि आगे की जांच के लिए अस्थायी राहत है।
स्थानीय पार्टी नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया, इसे महापौर चुनाव से पहले सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का आवश्यक कदम माना।