📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
अपराध
राजस्थान हाई कोर्ट ने आरोपी‑शिकायतकर्ता की शादी के बाद बलात्कार व पीओसीएसओ मामला खारिज किया
✍️ The Times of India
🗓 15 सित. 2026, 07:31 PM
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राजस्थान हाई कोर्ट ने आरोपी‑शिकायतकर्ता की शादी के बाद बलात्कार और पीओसीएसओ मामले को खारिज कर दिया, जिससे आपराधिक प्रक्रिया समाप्त हुई।
राजस्थान हाई कोर्ट ने बलात्कार और पीओसीएसओ (बाल यौन शोषण रोकथाम) के आरोपों को मिलाकर दायर मामले को खारिज कर दिया है। यह निर्णय तब आया जब आरोपी और शिकायतकर्ता ने विवाह कर लिया, जिससे न्यायालय ने मुकदमा बंद करने का आदेश दिया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक बंधन ने मामले की वास्तविक स्थिति को बदल दिया है, और अब आरोपों को जारी रखना उचित नहीं रहा।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे खारिज करने के मामले दुर्लभ होते हैं और यह विशेष परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इस निर्णय के पीछे की विस्तृत तर्क-विचार या आगे की कार्रवाई के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह मामला गंभीर आरोपों और उसके बाद हुई शादी के कारण मीडिया में चर्चा का विषय बना रहा, पर अब अदालत का आदेश इस मामले में आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी को समाप्त कर देता है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक बंधन ने मामले की वास्तविक स्थिति को बदल दिया है, और अब आरोपों को जारी रखना उचित नहीं रहा।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे खारिज करने के मामले दुर्लभ होते हैं और यह विशेष परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इस निर्णय के पीछे की विस्तृत तर्क-विचार या आगे की कार्रवाई के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह मामला गंभीर आरोपों और उसके बाद हुई शादी के कारण मीडिया में चर्चा का विषय बना रहा, पर अब अदालत का आदेश इस मामले में आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी को समाप्त कर देता है।