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अपराध
राजस्थान हाई कोर्ट ने कान्हैया लाल हत्या के आरोपी की याचिका खारिज की
✍️ Bhaskar English
🗓 07 नव. 2026, 05:32 PM
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राजस्थान हाई कोर्ट ने कान्हैया लाल हत्या के आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया, जबकि पीड़ित के बेटे ने अपराधियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने मंगलवार को दलित दुकानदार कान्हैया लाल की हत्या के आरोपी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका दंडात्मक सजा और दोषसिद्धि से राहत की मांग करती थी।
कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायाधीशों ने अपील में ठोस कारणों की कमी को बताया और कहा कि trial के दौरान प्रस्तुत सबूत सजा को समर्थन देते हैं।
कान्हैया लाल के बेटे, जिन्होंने 2022 में उदयपुर में हुई इस हत्या के बाद से लगातार आवाज़ उठाई है, ने फिर से अपराधियों के लिए फांसी की सजा की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह फैसला परिवार की न्याय की खोज को सुदृढ़ करता है और राज्य से सजा के त्वरित कार्यान्वयन की अपेक्षा करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद आगे सुप्रीम कोर्ट में अपील के अलावा कोई बड़ा विकल्प शेष नहीं है। यह मामला जाति‑आधारित हिंसा और भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायाधीशों ने अपील में ठोस कारणों की कमी को बताया और कहा कि trial के दौरान प्रस्तुत सबूत सजा को समर्थन देते हैं।
कान्हैया लाल के बेटे, जिन्होंने 2022 में उदयपुर में हुई इस हत्या के बाद से लगातार आवाज़ उठाई है, ने फिर से अपराधियों के लिए फांसी की सजा की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह फैसला परिवार की न्याय की खोज को सुदृढ़ करता है और राज्य से सजा के त्वरित कार्यान्वयन की अपेक्षा करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद आगे सुप्रीम कोर्ट में अपील के अलावा कोई बड़ा विकल्प शेष नहीं है। यह मामला जाति‑आधारित हिंसा और भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।