📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
खेल
राजस्थान हाईकोर्ट ने भरतपुर क्रिकेट एसोसिएशन सचिव पर जांच तक प्रमुख फैसलों पर पाबंदी लगाई
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 22 सित. 2026, 01:00 PM
👁 9
राजस्थान हाईकोर्ट ने भरतपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव शत्रुघ्न तिवारी को जांच पूरी होने तक प्रमुख फैसले लेने, रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करने और शिकायतकर्ता‑गवाहों को प्रभावित करने से रोक दी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भरतपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (BDCA) के सचिव शत्रुघ्न तिवारी के अधिकारों पर अंतरिम प्रतिबंध लगाया है। कोर्ट ने उन्हें किसी भी प्रमुख प्रशासनिक निर्णय लेने, आधिकारिक रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करने या शिकायतकर्ता‑गवाहों को प्रभावित करने से रोक दिया है, जबकि कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है।
यह आदेश BDCA के भीतर शासन संबंधी समस्याओं के बढ़ते संदेह के बीच आया है, जिसमें यह आरोप है कि सचिव ने आंतरिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप किया और गवाहियों को प्रभावित करने की कोशिश की। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कार्य जांच की निष्पक्षता और एसोसिएशन के संचालन को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
जांच एजेंसी के निष्कर्ष आने तक तिवारी को किसी भी निर्णय‑निर्धारण से बाहर रखा जाएगा। यह फैसला खेल प्रशासन में जब अनुचित व्यवहार के आरोप हों तो न्यायपालिका के हस्तक्षेप को दर्शाता है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
BDCA ने इस कोर्ट के निर्देश पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, और जांच की अवधि अभी स्पष्ट नहीं हुई है। राजस्थान के क्रिकेट समुदाय के हितधारक आगे की जानकारी के लिए बारीकी से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
यह आदेश BDCA के भीतर शासन संबंधी समस्याओं के बढ़ते संदेह के बीच आया है, जिसमें यह आरोप है कि सचिव ने आंतरिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप किया और गवाहियों को प्रभावित करने की कोशिश की। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कार्य जांच की निष्पक्षता और एसोसिएशन के संचालन को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
जांच एजेंसी के निष्कर्ष आने तक तिवारी को किसी भी निर्णय‑निर्धारण से बाहर रखा जाएगा। यह फैसला खेल प्रशासन में जब अनुचित व्यवहार के आरोप हों तो न्यायपालिका के हस्तक्षेप को दर्शाता है, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
BDCA ने इस कोर्ट के निर्देश पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, और जांच की अवधि अभी स्पष्ट नहीं हुई है। राजस्थान के क्रिकेट समुदाय के हितधारक आगे की जानकारी के लिए बारीकी से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।