📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
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राजस्थान हाईकोर्ट ने सभी न्यायिक परिसरों में सिंगल‑यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 18 अक्टू. 2026, 10:15 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने सभी न्यायिक परिसरों और अधिकारियों के आवासीय कॉलोनियों में कचरा प्रबंधन के कड़े नियम लागू किए हैं, जिसमें सिंगल‑यूज और डिस्पोजेबल प्लास्टिक पर प्रतिबंध है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के सभी न्यायिक परिसरों में ठोस कचरा प्रबंधन के नए दिशा‑निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत न्यायालय परिसर और न्यायिक अधिकारियों की आवासीय कॉलोनियों में सिंगल‑यूज प्लास्टिक जैसे डिस्पोजेबल बर्तनों, प्लेटों और पैकेजिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
यह कदम प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और सरकारी संस्थानों में पर्यावरण‑सुरक्षित प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। कोर्ट के अधिकारियों को कचरा अलग‑अलग करने के लिए बिन स्थापित करने, पुन: उपयोग योग्य विकल्प अपनाने और नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
नियमों का कार्यान्वयन तुरंत शुरू होगा, और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी। हाईकोर्ट ने राजस्थान के अन्य सार्वजनिक निकायों को भी समान उपाय अपनाने का आह्वान किया है, जिससे राज्य की प्लास्टिक‑कचरा कमी की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।
यह कदम प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और सरकारी संस्थानों में पर्यावरण‑सुरक्षित प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। कोर्ट के अधिकारियों को कचरा अलग‑अलग करने के लिए बिन स्थापित करने, पुन: उपयोग योग्य विकल्प अपनाने और नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
नियमों का कार्यान्वयन तुरंत शुरू होगा, और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी। हाईकोर्ट ने राजस्थान के अन्य सार्वजनिक निकायों को भी समान उपाय अपनाने का आह्वान किया है, जिससे राज्य की प्लास्टिक‑कचरा कमी की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।