📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
अपराध
राजस्थान हाईकोर्ट ने साइबर ठगी जांच में फ्रीज खातों को खोलने से इनकार
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 05 नव. 2026, 09:15 AM
👁 20
राजस्थान हाईकोर्ट ने साइबर अपराध जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खातों को खोलने और व्यापारियों को छह लाख रुपये मुआवजा देने की मांग को खारिज कर दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट ने उन व्यापारियों की याचिका को खारिज कर दिया, जिन्होंने साइबर‑अपराध जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खातों को तुरंत खोलने और छह लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की थी।
इन खातों को फ्रीज करने का कारण उन पर ऑनलाइन ठगी के आरोप लगना था, जिससे व्यापारियों को नकदी प्रवाह में कठिनाई का सामना करना पड़ा। वे इस फ्रीज के कारण हुए नुकसान की भरपाई के रूप में मुआवजा चाहते थे।
कोर्ट ने कहा कि फ्रीज करना वैध जांच उपाय है और किसी भी राहत के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। उसने प्रभावित पक्षों को सामान्य शिकायत निवारण प्रक्रियाओं के माध्यम से अपना मामला आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
यह फैसला साइबर‑अपराध जांच की वैधता को बनाए रखने के साथ-साथ व्यापारियों को स्थापित कानूनी चैनलों से मुआवजा मांगने की याद दिलाता है।
इन खातों को फ्रीज करने का कारण उन पर ऑनलाइन ठगी के आरोप लगना था, जिससे व्यापारियों को नकदी प्रवाह में कठिनाई का सामना करना पड़ा। वे इस फ्रीज के कारण हुए नुकसान की भरपाई के रूप में मुआवजा चाहते थे।
कोर्ट ने कहा कि फ्रीज करना वैध जांच उपाय है और किसी भी राहत के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। उसने प्रभावित पक्षों को सामान्य शिकायत निवारण प्रक्रियाओं के माध्यम से अपना मामला आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
यह फैसला साइबर‑अपराध जांच की वैधता को बनाए रखने के साथ-साथ व्यापारियों को स्थापित कानूनी चैनलों से मुआवजा मांगने की याद दिलाता है।