📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjuncm3
स्थानीय
रजस्थानी उच्च न्यायालय ने जेडीए से द्रव्यावती नदी के नाली निर्माण में देरी पर जवाब मांगा
✍️ Live Law
🗓 27 जुल. 2026, 01:33 PM
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रजस्थानी उच्च न्यायालय ने द्रव्यावती नदी के साथ नाली निर्माण में देरी पर जेडीए से जवाब माँगा है।
रजस्थानी उच्च न्यायालय ने द्रव्यावती नदी के साथ नाली निर्माण में देरी पर जेडीए से विस्तृत जवाब माँगा है। न्यायालय ने इस परियोजना के विलंब को लेकर चिंताएँ जताई हैं, जो स्थानीय समुदायों पर असर डाल रहा है।
द्रव्यावती नदी राजस्थान के कई जिलों से होकर गुजरती है और इसके साथ जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढाँचे के काम चल रहे हैं। परंतु नाली निर्माण कार्य अपेक्षा से धीमा चल रहा है, जिससे कानूनी जांच शुरू हुई है।
न्यायालय के आदेश में यह ज़ोर दिया गया है कि परियोजना को समय पर पूरा करना आवश्यक है ताकि मानसून के दौरान पानी की बाढ़ और जलभराव से बचा जा सके। जेडीए से अपेक्षा की जा रही है कि वे विलंब के कारणों और सुधारात्मक कदमों का विवरण दें।
यह मामला यह दर्शाता है कि न्यायपालिका राज्य विकास एजेंसियों के परियोजना समयसीमा पालन पर बढ़ती निगरानी कर रही है। हितधारक जेडीए के जवाब का इंतजार कर रहे हैं ताकि आगे के कदम तय किए जा सकें।
द्रव्यावती नदी राजस्थान के कई जिलों से होकर गुजरती है और इसके साथ जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढाँचे के काम चल रहे हैं। परंतु नाली निर्माण कार्य अपेक्षा से धीमा चल रहा है, जिससे कानूनी जांच शुरू हुई है।
न्यायालय के आदेश में यह ज़ोर दिया गया है कि परियोजना को समय पर पूरा करना आवश्यक है ताकि मानसून के दौरान पानी की बाढ़ और जलभराव से बचा जा सके। जेडीए से अपेक्षा की जा रही है कि वे विलंब के कारणों और सुधारात्मक कदमों का विवरण दें।
यह मामला यह दर्शाता है कि न्यायपालिका राज्य विकास एजेंसियों के परियोजना समयसीमा पालन पर बढ़ती निगरानी कर रही है। हितधारक जेडीए के जवाब का इंतजार कर रहे हैं ताकि आगे के कदम तय किए जा सकें।