📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jodmar at English Wikipedia
कृषि
राजस्थान में किसानों ने डीएपी की कमी बताई, सरकार का ‘नो‑टैगिंग’ दावा चुनौती में
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 10 अक्टू. 2026, 03:31 PM
👁 18
राजस्थान के किसानों का कहना है कि उन्हें डीएपी उर्वरक नहीं मिला, जबकि कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पर्याप्त स्टॉक का दावा किया, जो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान के बाद आया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में कहा कि राज्य में डीएपी सहित सभी उर्वरकों की आपूर्ति बिना किसी टैगिंग समस्या के किसानों तक पहुँचेगी। इस बयान के बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में डीएपी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
परंतु कई जिलों के किसानों ने बताया कि उन्हें विज्ञापित नैनो‑किट डीएपी नहीं मिला। वे कह रहे हैं कि आधिकारिक दावों के विपरीत, उर्वरक या तो देर से पहुँच रहा है या वितरण केंद्रों में उपलब्ध नहीं है।
राज्य कृषि विभाग ने स्टॉक रिकॉर्ड दिखाते हुए कहा कि गोदामों में डीएपी की अच्छी मात्रा मौजूद है। अधिकारियों ने बताया कि देरी का कारण स्टॉक की कमी नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक समस्याएँ हैं और आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी की जा रही है।
किसानों के संघ ने वितरण प्रक्रिया की पारदर्शी जाँच की माँग की है और सरकार से स्टॉक स्तर और वास्तविक उपलब्धता के बीच अंतर को दूर करने का आग्रह किया है। इस मुद्दे ने राज्य की उर्वरक वितरण प्रणाली की प्रभावशीलता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
परंतु कई जिलों के किसानों ने बताया कि उन्हें विज्ञापित नैनो‑किट डीएपी नहीं मिला। वे कह रहे हैं कि आधिकारिक दावों के विपरीत, उर्वरक या तो देर से पहुँच रहा है या वितरण केंद्रों में उपलब्ध नहीं है।
राज्य कृषि विभाग ने स्टॉक रिकॉर्ड दिखाते हुए कहा कि गोदामों में डीएपी की अच्छी मात्रा मौजूद है। अधिकारियों ने बताया कि देरी का कारण स्टॉक की कमी नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक समस्याएँ हैं और आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी की जा रही है।
किसानों के संघ ने वितरण प्रक्रिया की पारदर्शी जाँच की माँग की है और सरकार से स्टॉक स्तर और वास्तविक उपलब्धता के बीच अंतर को दूर करने का आग्रह किया है। इस मुद्दे ने राज्य की उर्वरक वितरण प्रणाली की प्रभावशीलता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।