📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Christopher Michel
शिक्षा
राजस्थान में बाल विवाह रोकने के लिए प्रधानाचार्य‑पटवारी को देंगी निगरानी की जिम्मेदारी
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 15 अक्टू. 2026, 01:45 PM
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राजस्थान शिक्षा विभाग ने बाल विवाह रोकने के लिए प्रधानाचार्य और पटवारी को निगरानी में शामिल करने के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान सरकार ने बाल विवाह को रोकने के लिए एक नई निगरानी व्यवस्था शुरू की है, जिसमें शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्यों और स्थानीय पटवारियों को प्रमुख पर्यवेक्षक के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया है।
नए नियमों के तहत प्रधानाचार्य छात्रों की आयु का रजिस्टर बनाएँगे, विवाह प्रस्तावों की जांच करेंगे और यदि किसी बाल विवाह का संदेह हो तो तुरंत प्राधिकारियों को सूचित करेंगे। पटवारी, जो भूमि और जनसंख्या रिकॉर्ड संभालते हैं, इन विवरणों को आधिकारिक दस्तावेज़ों से मिलान करेंगे और किसी भी विसंगति की सूचना जिला बाल कल्याण अधिकारी को देंगे।
राज्य शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूल और राजस्व प्रशासन की मौजूदा संरचनाओं को जोड़कर यह नेटवर्क जल्दी पहचान और रिपोर्टिंग को संभव बनाएगा, जिससे राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी की उम्मीद है।
नए नियमों के तहत प्रधानाचार्य छात्रों की आयु का रजिस्टर बनाएँगे, विवाह प्रस्तावों की जांच करेंगे और यदि किसी बाल विवाह का संदेह हो तो तुरंत प्राधिकारियों को सूचित करेंगे। पटवारी, जो भूमि और जनसंख्या रिकॉर्ड संभालते हैं, इन विवरणों को आधिकारिक दस्तावेज़ों से मिलान करेंगे और किसी भी विसंगति की सूचना जिला बाल कल्याण अधिकारी को देंगे।
राज्य शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूल और राजस्व प्रशासन की मौजूदा संरचनाओं को जोड़कर यह नेटवर्क जल्दी पहचान और रिपोर्टिंग को संभव बनाएगा, जिससे राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी की उम्मीद है।