📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subodhgadgil
शिक्षा
राजस्थान ने स्कूल प्रिंसिपलों को बाल विवाह प्रतिबंध अधिकारी बनाया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 20 अक्टू. 2026, 09:31 AM
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राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों को बाल विवाह रोकने, सबूत इकट्ठा करने और जागरूकता फैलाने का काम सौंपा, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ा।
राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बाल विवाह प्रतिबंध अधिकारी का पद सौंपा, जो पहले विशेष अधिकारियों द्वारा संभाला जाता था।
इस नई जिम्मेदारी में प्रिंसिपलों को अपने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम, सबूत इकट्ठा करने और पुलिस व अन्य प्राधिकरणों के साथ समन्वय करने का काम सौंपा गया है।
सरकार का मानना है कि स्कूलों की स्थानीय उपस्थिति और शैक्षिक मंच का उपयोग करके बाल विवाह के कानूनी और स्वास्थ्य‑संबंधी नुकसानों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सकेगी।
इस कदम पर कई शिक्षकों ने असंतोष जताया है, क्योंकि अतिरिक्त कार्यभार के साथ कोई अतिरिक्त संसाधन या प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
सरकार ने कहा है कि दिशानिर्देश और सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि प्रधानाचार्य इस नई भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सकें और बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
इस नई जिम्मेदारी में प्रिंसिपलों को अपने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम, सबूत इकट्ठा करने और पुलिस व अन्य प्राधिकरणों के साथ समन्वय करने का काम सौंपा गया है।
सरकार का मानना है कि स्कूलों की स्थानीय उपस्थिति और शैक्षिक मंच का उपयोग करके बाल विवाह के कानूनी और स्वास्थ्य‑संबंधी नुकसानों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सकेगी।
इस कदम पर कई शिक्षकों ने असंतोष जताया है, क्योंकि अतिरिक्त कार्यभार के साथ कोई अतिरिक्त संसाधन या प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
सरकार ने कहा है कि दिशानिर्देश और सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि प्रधानाचार्य इस नई भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सकें और बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके।