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11 अक्टू. 2026•
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राजाखेड़ा में शारदीय नवरात्रा पर मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, घर-घर हुई घट स्थापना

✍️ रिपोर्टर: Jaypal 🗓 11 अक्टू. 2026, 08:20 PM 👁 19
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पहला दिन नवरात्र का शैलपुत्रिका पूजा किया जाता है

राजाखेड़ा में शारदीय नवरात्रा पर मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, घर-घर हुई घट स्थापना


राजाखेड़ा-:आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को धौलपुर राजाखेड़ा कस्बे में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में से पहले स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा की गई। आज रविवार को नवरात्रा के पहले दिन सुबह से ही मंदिरों में काफी भीड़ दिखाई दी,जिसके कारण माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को लाइन में खड़ा होना पड़ा। इस दौरान कस्बे के विभिन्न देवीय स्थानों पर हवन-यज्ञ आदि के द्वारा भक्तों ने माता की पूजा अर्चना की। मंदिरों पर महाआरती का भी आयोजन किया गया।

क्षेत्र के इन मंदिरों में नौ दिन होंगे आयोजन-:


राजाखेड़ा उपखण्ड के प्रसिद्ध रेहना वाली माता मंदिर, शहर के माता का मठ, संतोषी माता मंदिर, जैन धर्मशाला के पीछे रेहना वाली माता मंदिर सहित घरों में 9 दिन तक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

क्यों करते हैं कलश स्थापना-:


कलश स्थापना का अर्थ है नवरात्रि के वक्त ब्रह्मांड में मौजूद शक्ति तत्व का घट यानी कलश में आह्वान करना। शक्ति तत्व के कारण घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। नवरात्रि के पहले दिन पूजा की शुरुआत दुर्गा पूजा के लिए संकल्प लेकर ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) में कलश स्थापना करके की जाती है।
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