📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Himanshu Arya Khowal
राजनीति
राहुल गांधी और आरएसएस प्रमुख ने मध्य प्रदेश के युवा वर्ग को किया लक्ष्य
✍️ Deccan Chronicle
🗓 16 सित. 2026, 02:37 AM
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सीनियर नेता राहुल गांधी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के युवाओं को अपने चुनावी अभियान का मुख्य लक्ष्य बना रहे हैं।
नई दिल्ली – आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के युवा वर्ग को अपने राजनीतिक प्रयासों का केंद्र बना रहे हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार दोनों नेता राज्य के युवा मतदाताओं को निर्णायक शक्ति मानते हैं और उन्हें आकर्षित करने के लिए विभिन्न स्तर पर संपर्क स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इस संपर्क में सार्वजनिक सभाएँ, सोशल मीडिया अभियानों और युवाओं के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा शामिल हो सकती है।
देश भर में राजनीतिक दल युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए जमीन‑स्तर के अभियानों को तेज़ कर रहे हैं, क्योंकि हाल के चुनावों में इस वर्ग की भागीदारी में वृद्धि देखी गई है। कांग्रेस अपने शहरी और अर्ध‑शहरी युवा वर्ग से जुड़ाव को पुनर्जीवित करना चाहती है, जबकि आरएसएस अपने वैचारिक प्रभाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है।
विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश में 35 वर्ष से कम आयु के मतदाताओं का प्रतिशत काफी अधिक है, जिससे यह राज्य राष्ट्रीय रुझानों का संकेतक बन सकता है। दोनों नेता रोजगार, शिक्षा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे जैसे मुद्दों को अपने संदेशों में प्रमुखता देंगे, जो युवा वर्ग के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर युवा वर्ग को फिर से जोड़ने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। यह देखना होगा कि राहुल गांधी और मोहन भागवत की यह पहल राज्य में वास्तविक मत समर्थन में कितनी सफल होती है।
देश भर में राजनीतिक दल युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए जमीन‑स्तर के अभियानों को तेज़ कर रहे हैं, क्योंकि हाल के चुनावों में इस वर्ग की भागीदारी में वृद्धि देखी गई है। कांग्रेस अपने शहरी और अर्ध‑शहरी युवा वर्ग से जुड़ाव को पुनर्जीवित करना चाहती है, जबकि आरएसएस अपने वैचारिक प्रभाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है।
विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश में 35 वर्ष से कम आयु के मतदाताओं का प्रतिशत काफी अधिक है, जिससे यह राज्य राष्ट्रीय रुझानों का संकेतक बन सकता है। दोनों नेता रोजगार, शिक्षा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे जैसे मुद्दों को अपने संदेशों में प्रमुखता देंगे, जो युवा वर्ग के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर युवा वर्ग को फिर से जोड़ने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। यह देखना होगा कि राहुल गांधी और मोहन भागवत की यह पहल राज्य में वास्तविक मत समर्थन में कितनी सफल होती है।