📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
अपराध
आर वीरामणि के पीओसीएसओ मामले में पेन ड्राइव से उजागर हुई दशकों पुरानी यौन शोषण आरोप
✍️ The South First
🗓 29 सित. 2026, 03:32 AM
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एक पेन ड्राइव में मौजूद तथ्यों ने तमिलनाडु के पूर्व अधिकारी आर वीरामणि के पीओएससीओ मामले को फिर से उजागर किया, जिससे दशकों पुराने यौन शोषण के आरोपों पर फिर से सवाल उठे।
तमिलनाडु के पुलिस जांचकर्ताओं ने एक पेन ड्राइव जब्त की है, जिसमें कथित तौर पर आर वीरामणि के खिलाफ पीओसीएसओ मामले से जुड़ी सामग्री है। इस ड्राइव में फोटो, वीडियो और दस्तावेज़ होने का दावा किया जा रहा है, जो कई दशकों में किए गए यौन अपराधों की ओर इशारा करते हैं, जिससे आरोपी पर नई पूछताछ शुरू हुई है।
पीओसीएसओ (बाल संरक्षण अधिनियम) के तहत कई वर्षों से चल रहे इस मामले को "तमिलनाडु का एप्सटीन" के रूप में मीडिया ने चिह्नित किया था, जिससे सार्वजनिक चर्चा फिर से तेज हुई। अब इस डिजिटल सबूत के आधार पर नई जांच शुरू की गई है, और अदालत ने ड्राइव की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सामग्री के सामने आने से मुकदमे की दिशा में बड़ा बदलाव आ सकता है, क्योंकि अब तक की सुनवाई मुख्यतः गवाहियों और पूर्व बयानों पर निर्भर थी। पुलिस ने फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही आगे की जानकारी जारी करने का इरादा बताया है।
बाल अधिकार संगठनों और आम जनता ने इस मामले पर तेज़ न्याय और राज्य में बाल संरक्षण कानूनों के कड़े प्रवर्तन की मांग की है।
पीओसीएसओ (बाल संरक्षण अधिनियम) के तहत कई वर्षों से चल रहे इस मामले को "तमिलनाडु का एप्सटीन" के रूप में मीडिया ने चिह्नित किया था, जिससे सार्वजनिक चर्चा फिर से तेज हुई। अब इस डिजिटल सबूत के आधार पर नई जांच शुरू की गई है, और अदालत ने ड्राइव की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सामग्री के सामने आने से मुकदमे की दिशा में बड़ा बदलाव आ सकता है, क्योंकि अब तक की सुनवाई मुख्यतः गवाहियों और पूर्व बयानों पर निर्भर थी। पुलिस ने फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही आगे की जानकारी जारी करने का इरादा बताया है।
बाल अधिकार संगठनों और आम जनता ने इस मामले पर तेज़ न्याय और राज्य में बाल संरक्षण कानूनों के कड़े प्रवर्तन की मांग की है।