📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Afghanistan Matters https://www.flickr.com/photos/
सरकारी योजना
पीडब्ल्यूडी और एसजेवीएनएल ने सुन्नी डैम विकास कार्यों के लिए 72.82 करोड़ रुपये का समझौता किया
✍️ :: India News Calling ::
🗓 28 अक्टू. 2026, 09:18 PM
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पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट और सत्लुज जल विद्युत निगम लिमिटेड ने सुन्नी डैम परियोजना के तहत विकास कार्यों के लिए 72.82 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) और सत्लुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) ने गुरुवार को 72.82 करोड़ रुपये के मूल्य वाले समझौते पर हस्ताक्षर कर साझेदारी को औपचारिक रूप दिया। यह समझौता सुन्नी डैम परियोजना से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को कवर करता है।
समझौते के तहत, SJVNL को ठेकेदार कार्यों का निष्पादन करना होगा जबकि PWD राज्य प्राधिकरणों के साथ निगरानी और समन्वय करेगा। यह सहयोग खरीद, इंजीनियरिंग और निर्माण प्रक्रियाओं को तेज़ करने की उम्मीद है, जिससे डैम की प्रगति में गति आएगी।
सुन्नी डैम, जो क्षेत्र की जल‑संसाधन रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है, जलभंडारण क्षमता बढ़ाने, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बाढ़ नियंत्रण को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है। अधिकारियों का मानना है कि नई स्वीकृत निधि अगले वित्तीय वर्ष में परियोजना के प्रमुख चरणों को पूरा करने में मदद करेगी।
दोनों एजेंसियों ने कहा कि यह साझेदारी सार्वजनिक‑निजी पहल के माध्यम से बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के व्यापक सरकारी प्रयास को दर्शाती है, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग और आवश्यक सेवाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।
समझौते के तहत, SJVNL को ठेकेदार कार्यों का निष्पादन करना होगा जबकि PWD राज्य प्राधिकरणों के साथ निगरानी और समन्वय करेगा। यह सहयोग खरीद, इंजीनियरिंग और निर्माण प्रक्रियाओं को तेज़ करने की उम्मीद है, जिससे डैम की प्रगति में गति आएगी।
सुन्नी डैम, जो क्षेत्र की जल‑संसाधन रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है, जलभंडारण क्षमता बढ़ाने, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बाढ़ नियंत्रण को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है। अधिकारियों का मानना है कि नई स्वीकृत निधि अगले वित्तीय वर्ष में परियोजना के प्रमुख चरणों को पूरा करने में मदद करेगी।
दोनों एजेंसियों ने कहा कि यह साझेदारी सार्वजनिक‑निजी पहल के माध्यम से बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के व्यापक सरकारी प्रयास को दर्शाती है, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग और आवश्यक सेवाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।