📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Saad Ali Khan Pakistan
राजनीति
पंजाब में नशीली दवाओं की समस्या बन गई चुनावी रणभूमि
✍️ India Today
🗓 25 सित. 2026, 07:06 AM
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राज्य चुनावों के सामने, पंजाब में नशीली दवाओं की समस्या को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया गया है, जहाँ पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं और कड़ी कार्रवाई का वादा कर रही हैं।
नशीली दवाओं की बढ़ती समस्या पंजाब में अब केवल पुलिस की दायित्व नहीं रही, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
प्रमुख राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने-अपने एजेंडा में शामिल कर एक‑दूसरे पर सरकार की कोमलता का आरोप लगा रहे हैं और जीतने पर कड़ी कार्रवाई, पुनर्वास और तस्करी रोकथाम का वादा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुद्दा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रभावी है जहाँ नशे की लत ने कई परिवारों को प्रभावित किया है, और इस कारण सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह एंटी‑ड्रग उपाय तेज़ करे।
फिर भी कुछ आलोचक चेतावनी दे रहे हैं कि इस समस्या को चुनावी नारा बनाकर पेश करने से जटिल सामाजिक समस्या को सरलीकृत किया जा सकता है और वादे व्यावहारिक कार्यों में नहीं बदल सकते।
प्रमुख राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने-अपने एजेंडा में शामिल कर एक‑दूसरे पर सरकार की कोमलता का आरोप लगा रहे हैं और जीतने पर कड़ी कार्रवाई, पुनर्वास और तस्करी रोकथाम का वादा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुद्दा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रभावी है जहाँ नशे की लत ने कई परिवारों को प्रभावित किया है, और इस कारण सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह एंटी‑ड्रग उपाय तेज़ करे।
फिर भी कुछ आलोचक चेतावनी दे रहे हैं कि इस समस्या को चुनावी नारा बनाकर पेश करने से जटिल सामाजिक समस्या को सरलीकृत किया जा सकता है और वादे व्यावहारिक कार्यों में नहीं बदल सकते।