📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
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पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने मां को अयोग्य सिद्ध किए बिना बच्चे को अलग नहीं कर सकते
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 19 अग. 2026, 10:48 AM
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पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पाँच साल के बच्चे को मां को अयोग्य साबित किए बिना अलग नहीं किया जा सकता, इसलिए बच्चा माँ को सौंप दिया गया।
पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने पाँच साल के बच्चे की अभिरक्षा से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि मां को अयोग्य सिद्ध किए बिना बच्चे को अलग नहीं किया जा सकता।
याचिका में मां की उपयुक्तता पर सवाल उठाते हुए बच्चे को अन्य अभिरक्षक के पास रखने की मांग की गई थी, पर कोर्ट ने यह कहा कि ऐसा करने के लिए मां की अयोग्यता का ठोस प्रमाण आवश्यक है, जो प्रस्तुत नहीं हुआ।
इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि बच्चा अपनी माँ को सौंप दिया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो कि बिना वैध कारण के पारिवारिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
याचिका में मां की उपयुक्तता पर सवाल उठाते हुए बच्चे को अन्य अभिरक्षक के पास रखने की मांग की गई थी, पर कोर्ट ने यह कहा कि ऐसा करने के लिए मां की अयोग्यता का ठोस प्रमाण आवश्यक है, जो प्रस्तुत नहीं हुआ।
इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि बच्चा अपनी माँ को सौंप दिया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो कि बिना वैध कारण के पारिवारिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।