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23 अक्टू. 2026•
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पंजाब सरकार कहती है 14 दिन में ₹14,191 करोड़ का भुगतान संवैधानिक रूप से असंभव, एचसी आदेश को चुनौती
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Asmit4
राजनीति

पंजाब सरकार कहती है 14 दिन में ₹14,191 करोड़ का भुगतान संवैधानिक रूप से असंभव, एचसी आदेश को चुनौती

✍️ Livemint 🗓 03 सित. 2026, 03:03 AM 👁 112
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पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 14 दिन में ₹14,191 करोड़ बकाया राशि चुकाने का कहा गया था, और कहा कि यह समय‑सीमा संवैधानिक रूप से अस्वीकार्य है।

पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें हाल ही में जारी आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें राज्य को 14 दिन में ₹14,191 करोड़ बकाया राशि का निपटान करने को कहा गया था। यह आदेश एक बेंच द्वारा दिया गया था, जिसका उद्देश्य ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं को लंबित भुगतान जल्दी करवाना था।

सरकार का कहना है कि यह निर्देश "संवैधानिक रूप से असंभव" है क्योंकि इतनी बड़ी राशि को निर्धारित समय में निपटाना वित्तीय नियमों और संविधान के तहत आवश्यक प्रक्रियात्मक कदमों को पूरा नहीं कर सकता। इस समय‑सीमा से राज्य को वित्तीय विवेक का उल्लंघन करना पड़ेगा, जिससे आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न्यायालय की त्वरित न्याय प्रदान करने की इच्छा और कार्यपालिका की सार्वजनिक वित्त प्रबंधन की जिम्मेदारी के बीच टकराव को दर्शाता है। हाईकोर्ट इस मुद्दे को आने वाले हफ्तों में सुनने वाला है, और इसका फैसला राज्य वित्तीय मामलों में न्यायालय के हस्तक्षेप के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।

यदि न्यायालय आदेश को बरकरार रखता है, तो पंजाब को इस समय‑सीमा को पूरा करने के लिए अतिरिक्त उधारी या फंडों का पुनः आवंटन करना पड़ेगा। दूसरी ओर, यदि राज्य के पक्ष में फैसला आता है, तो भुगतान में और देरी हो सकती है, जिससे ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं की शिकायतें बनी रहेंगी।

यह विवाद भारतीय राज्यों को वित्तीय सीमाओं और संवैधानिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है, विशेषकर जब कई राज्य बढ़ते ऋण और बुनियादी ढाँचे की प्रतिबद्धताओं से जूझ रहे हैं।
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