📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Asmit4
राजनीति
पंजाब हाई कोर्ट ने नई वृक्ष संरक्षण विधि को अत्यधिक कठोर कहा, पुनर्विचार का आदेश
✍️ Swarajya
🗓 31 अक्टू. 2026, 07:03 PM
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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के नए वृक्ष कानून को अत्यधिक कठोर करार दिया और राज्य सरकार को इसे पुनः विचार करने का निर्देश दिया।
चंडीगढ़ में सत्रभवन में बैठा पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए वृक्ष संरक्षण कानून की कड़ी निंदा की। अदालत ने इस विधि को "अत्यधिक कठोर" कहा, क्योंकि इसमें कड़ी सज़ाएँ और प्रतिबंध शामिल हैं जो वैध भूमि उपयोग और विकास को बाधित कर सकते हैं।
अदालत ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक वैध उद्देश्य है, परन्तु इस कानून की धारा अनुपातहीन हैं और प्रभावित भूमि मालिकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं प्रदान करतीं। अपील या मुआवजे की स्पष्ट प्रक्रिया न होने से न्यायसंगतता पर सवाल उठते हैं।
इसलिए न्यायालय ने पंजाब सरकार को इस विधि पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया, जिससे पारिस्थितिक लक्ष्यों को संपत्ति अधिकारों के साथ संतुलित किया जा सके। यह आदेश कानून को निरस्त नहीं करता, परन्तु संशोधित ढाँचे के बिना आगे की कार्यवाही रोकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य को या तो इस अधिनियम में संशोधन करना पड़ेगा या निरंतर न्यायिक जांच का सामना करना पड़ेगा। यह निर्णय कार्यकारी कदमों की सीमा जाँचने में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है।
अदालत ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक वैध उद्देश्य है, परन्तु इस कानून की धारा अनुपातहीन हैं और प्रभावित भूमि मालिकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं प्रदान करतीं। अपील या मुआवजे की स्पष्ट प्रक्रिया न होने से न्यायसंगतता पर सवाल उठते हैं।
इसलिए न्यायालय ने पंजाब सरकार को इस विधि पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया, जिससे पारिस्थितिक लक्ष्यों को संपत्ति अधिकारों के साथ संतुलित किया जा सके। यह आदेश कानून को निरस्त नहीं करता, परन्तु संशोधित ढाँचे के बिना आगे की कार्यवाही रोकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य को या तो इस अधिनियम में संशोधन करना पड़ेगा या निरंतर न्यायिक जांच का सामना करना पड़ेगा। यह निर्णय कार्यकारी कदमों की सीमा जाँचने में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है।