📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
अपराध
पंजाब-हरियाणा एचसी ने कहा, बिना नई परिस्थितियों के दोहराए गए जमानत याचिकाएँ फोरम शॉपिंग हैं
✍️ Live Law
🗓 09 अक्टू. 2026, 07:16 PM
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पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि बिना नई परिस्थितियों के लगातार जमानत याचिकाएँ फोरम शॉपिंग हैं, इस प्रकार के अभ्यास को रोकने की चेतावनी दी।
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि बिना किसी नई परिस्थितियों के लगातार जमानत याचिकाएँ दायर करना फोरम शॉपिंग माना जाएगा। न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि समान आधार पर विभिन्न बेंचों या अदालतों में बार‑बार राहत पाने के लिये न्यायिक प्रणाली का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
आदेश में अदालत ने बताया कि ऐसी दोहराव वाली याचिकाएँ न्यायिक संसाधनों की बर्बादी करती हैं और जमानत के निर्णयों की अंतिमता को कमजोर करती हैं। निचली अदालतों को नई जमानत याचिका स्वीकार करने से पहले परिस्थितियों में बदलाव की जाँच करने का निर्देश दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय जमानत संबंधी न्यायशास्त्र में स्थिरता को सुदृढ़ करता है और अभियुक्तों को केवल अस्थायी रिहाई पाने के लिये निरर्थक याचिकाएँ दायर करने से रोक सकता है। यह निर्णय आपराधिक प्रक्रियाओं में प्रक्रियात्मक दुरुपयोग के खिलाफ न्यायपालिका की स्थिति को स्पष्ट करता है।
आदेश में अदालत ने बताया कि ऐसी दोहराव वाली याचिकाएँ न्यायिक संसाधनों की बर्बादी करती हैं और जमानत के निर्णयों की अंतिमता को कमजोर करती हैं। निचली अदालतों को नई जमानत याचिका स्वीकार करने से पहले परिस्थितियों में बदलाव की जाँच करने का निर्देश दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय जमानत संबंधी न्यायशास्त्र में स्थिरता को सुदृढ़ करता है और अभियुक्तों को केवल अस्थायी रिहाई पाने के लिये निरर्थक याचिकाएँ दायर करने से रोक सकता है। यह निर्णय आपराधिक प्रक्रियाओं में प्रक्रियात्मक दुरुपयोग के खिलाफ न्यायपालिका की स्थिति को स्पष्ट करता है।