📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
अपराध
माइनर को लाइव-इन रिश्ते में पुलिस सुरक्षा नहीं मिल सकती, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का निर्णय
✍️ The Times of India
🗓 04 अग. 2026, 02:03 PM
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पंजाब और हरियाणा के उच्च न्यायालयों ने निर्णय दिया है कि वयस्क साथी के साथ लाइव-इन रिश्ते में रहने वाला माइनर पुलिस सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता।
पंजाब और हरियाणा के उच्च न्यायालयों ने यह निर्णय दिया है कि वयस्क साथी के साथ लाइव‑इन रिश्ते में रहने वाला माइनर पुलिस सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता। यह फैसला स्पष्ट करता है कि घरेलू हिंसा के खिलाफ पुलिस हस्तक्षेप के मौजूदा नियम केवल विवाहित या कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त साझेदारी पर लागू होते हैं।
न्यायालयों ने कहा कि लाइव‑इन रिश्ते को कानून के तहत आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी गई है, इसलिए माइनर को सुरक्षा के लिए कानूनी रूप से उपलब्ध साधनों से बाहर रखा गया है।
इस निर्णय का प्रभाव पुलिस के माइनर के लाइव‑इन रिश्तों में शिकायतों पर प्रतिक्रिया देने के तरीके पर पड़ेगा और यह सवाल उठाता है कि वर्तमान कानूनी सुरक्षा युवा लोगों के लिए पर्याप्त है या नहीं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला गैर‑विवाहिक सहवास में माइनर के अधिकारों पर स्पष्ट कानून की आवश्यकता को दर्शाता है, क्योंकि वर्तमान ढाँचा स्पष्ट सुरक्षा मार्ग प्रदान नहीं करता।
न्यायालयों ने कहा कि लाइव‑इन रिश्ते को कानून के तहत आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी गई है, इसलिए माइनर को सुरक्षा के लिए कानूनी रूप से उपलब्ध साधनों से बाहर रखा गया है।
इस निर्णय का प्रभाव पुलिस के माइनर के लाइव‑इन रिश्तों में शिकायतों पर प्रतिक्रिया देने के तरीके पर पड़ेगा और यह सवाल उठाता है कि वर्तमान कानूनी सुरक्षा युवा लोगों के लिए पर्याप्त है या नहीं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला गैर‑विवाहिक सहवास में माइनर के अधिकारों पर स्पष्ट कानून की आवश्यकता को दर्शाता है, क्योंकि वर्तमान ढाँचा स्पष्ट सुरक्षा मार्ग प्रदान नहीं करता।