📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
टेक्नोलॉजी
पंजाब‑हरियाणा हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को टैकडाउन आदेश की प्रति देना अनिवार्य किया
✍️ Scroll.in
🗓 20 अक्टू. 2026, 01:32 PM
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पंजाब‑हरियाणा हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को उपयोगकर्ता को उनके कंटेंट पर लगाए गए टैकडाउन आदेश की प्रति देना अनिवार्य है, जिससे पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने यह निर्देश दिया कि कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जब टैकडाउन आदेश जारी करे, तो उसे उसी आदेश की प्रति प्रभावित उपयोगकर्ता को भी देनी होगी। कोर्ट ने कहा कि उपयोगकर्ता को यह जानने का अधिकार है कि उनके कंटेंट को हटाने का आधार क्या है, जिससे वे कार्रवाई की वैधता का मूल्यांकन कर सकें।
यह आदेश प्रक्रियात्मक निष्पक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से है, जिससे उपयोगकर्ता कंटेंट हटाने के कारणों से अनभिज्ञ न रहें। यह मनमाने या अनुचित टैकडाउन को रोकने में भी मदद करेगा, जो प्लेटफ़ॉर्म और कंटेंट निर्माताओं के बीच अक्सर विवाद का कारण बनता रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत में डिजिटल मध्यस्थों की जवाबदेही को बढ़ा सकता है और प्लेटफ़ॉर्म को नोटिस‑एंड‑टेकर प्रक्रियाओं में बदलाव करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
यह आदेश प्रक्रियात्मक निष्पक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से है, जिससे उपयोगकर्ता कंटेंट हटाने के कारणों से अनभिज्ञ न रहें। यह मनमाने या अनुचित टैकडाउन को रोकने में भी मदद करेगा, जो प्लेटफ़ॉर्म और कंटेंट निर्माताओं के बीच अक्सर विवाद का कारण बनता रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत में डिजिटल मध्यस्थों की जवाबदेही को बढ़ा सकता है और प्लेटफ़ॉर्म को नोटिस‑एंड‑टेकर प्रक्रियाओं में बदलाव करने के लिए प्रेरित कर सकता है।