📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Veekthedragon
राजनीति
पंजाब कांग्रेस में तीन दशकों से लगातार अध्यक्ष बदलते, गुट‑बाजी बनी रही
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 02 अक्टू. 2026, 09:01 AM
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तीन दशकों से पंजाब कांग्रेस में लगातार अध्यक्ष बदलते रहे, पर गुट‑बाजी में कोई कमी नहीं आई।
पिछले तीस वर्षों से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पंजाब प्रादेशिक शाखा में राज्य अध्यक्ष का पद बार‑बार बदलता रहा है। हर नए अध्यक्ष के पीछे अक्सर एक विशेष गुट का समर्थन रहता है, जिससे शीर्ष नेतृत्व में निरंतर बदलाव होते रहे हैं।
इन बदलावों के बावजूद गुटों के बीच की प्रतिद्वंद्विता में कोई कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वही शक्ति समूह आपस में सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा करते रहते हैं, जिससे पार्टी के भीतर एकता कमजोर होती है और अक्सर सार्वजनिक टकराव भी दिखते हैं।
ऐसी गुटबाजी ने पंजाब में कांग्रेस की चुनावी प्रदर्शन को अस्थिर बना दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि एकजुट दिशा-निर्देशों के अभाव में पार्टी मतदाताओं को स्पष्ट संदेश नहीं दे पाती।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आंतरिक मतभेदों को सुलझाया नहीं गया तो नेतृत्व में बार‑बार बदलाव जारी रहेगा, जो आगामी राज्य चुनावों में पार्टी की रणनीति को प्रभावित करेगा।
इन बदलावों के बावजूद गुटों के बीच की प्रतिद्वंद्विता में कोई कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वही शक्ति समूह आपस में सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा करते रहते हैं, जिससे पार्टी के भीतर एकता कमजोर होती है और अक्सर सार्वजनिक टकराव भी दिखते हैं।
ऐसी गुटबाजी ने पंजाब में कांग्रेस की चुनावी प्रदर्शन को अस्थिर बना दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि एकजुट दिशा-निर्देशों के अभाव में पार्टी मतदाताओं को स्पष्ट संदेश नहीं दे पाती।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आंतरिक मतभेदों को सुलझाया नहीं गया तो नेतृत्व में बार‑बार बदलाव जारी रहेगा, जो आगामी राज्य चुनावों में पार्टी की रणनीति को प्रभावित करेगा।